पीलीभीत। भैया दूज पर रेलवे और रोडवेज सेवाएं अपर्याप्त साबित हुईं। रोडवेज प्रबंधतंत्र के तमाम दावे और वायदे के बावजूद भैया दूज पर यात्रियों को बसों के लिए घंटों भटकना पड़ा। रोडवेज परिसर में दिन भर बसों के लिए मारामारी रही। रोडवेज की हमेशा की तरह इस बार भी हवा निकल गई। नौगवां, गौहनियां चौराहे पर दिन भर भीड़ के चलते ट्रैफिक जाम रहा। उधर रेलवे की टिकट विंडो पर अधिक भीड़ लगी रही। लोगबाग टिकट लेने के लिए परेशान रहे तो ट्रेन में भी पैर रखने को जगह नहीं मिली।
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अतिरिक्त बसों की नहीं मिली सुविधाएं
भैया दूज के पर्व पर यात्रियों को परेशानी से जूझना पड़ता है। इस समस्या से निजात को रोडवेज प्रशासन ने पूर्व में अच्छी और पर्याप्त बसों की सुविधाएं देने का दावा किया था। फिर भी यात्रियों को बसों के लिए भटकना पड़ा। कुछ गिनी-चुनी बसें डिपो में आ भी रहीं थी तो यात्री उन पर टूट कर गिरते थे। व्यवस्था बनाए रखने को कोई अधिकारी-कर्मचारियों का दिनभर टोटा रहा। दिल्ली मार्ग की सभी बसों को लंबे रूट के लिए भेज दिया गया। वहीं अन्य लोकल मार्गों के लिए यात्रियों को बसें नहीं मिली। यदि मिली भी तो उसके लिए चालक नहीं थे। रोडवेज की एक बस काफी समय तक यात्रियों से भरी रही। क्योंकि उसके लिए ड्राइवर नहीं मिल रहा था। आखिर में यात्रियों को उतरना पड़ा। शहर निवासी गीता, शारदा कहती हैं कि उन्हें पूरनपुर जाना था लेकिन बसें न मिलने से वह मैजिक से जाएगी।
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डिपो में संचालित 66 बसों को सभी रूटों पर चलवा दिया गया था। इसमें करीब पैतीस बसों को दिल्ली रूट पर लगा दिया गया है। यात्रियों को कोई असुविधा नहीं हुई। सभी अपने-अपने गंतव्य तक गए हैं। चालक-परिचालकों भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
- संतोष कुमार वर्मा, एआरएम
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प्लेटफार्म पर भारी भीड़ से परेशान रहे यात्री
पहले दीवाली और अब भाई दूज दोनों ही मौकों पर रेलवे अधिकारियों द्वारा की गई तैयारियां यात्रियों के हुजूम को संभाल नहीं पाईं। दूज पर बहनों को दिक्कत न हो इसके लिए रेलवे प्रशासन ने गाड़ी संख्या 52223 पीलीभीत मैलानी पैसेंजर और गाड़ी संख्या 52222 पीलीभीत बरेली पैसेंजर में अतिरिक्त कोच लगाने के साथ महिला टिकट काउंटर चौबीस घंटे खुला रखने का आदेश जारी किया था, लेकिन यात्रियों की भीड़ के आगे सभी व्यवस्थाएं कम पड़ गई।
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बहनों के कोच में घुसे पुरुष यात्री
सुरक्षा जवानों की उदासीनता के चलते भाई दूज पर बहनों को सफर में बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में दूज में भी पुरुष यात्रियों का ही कब्जा रहा।
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जंक्शन में नहीं दिखे सुरक्षा इंतजामात
यात्रियों के हुजूम को संभालने के लिए रेलवे पुलिस ने जंक्शन पर आठ सिपाहियों की ड्यूटी बढ़ाई थी, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम हवाई रहे। यात्रियों ने न केवल ट्रेन की छत पर बैठकर सफर किया बल्कि ट्रेन पकड़ने की जल्दी में पटरियों पर भी खूब दौड़ लगाई।
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टिकट काउंटर पर लगी लंबी कतारें
ट्रेनों में भारी भीड़ और टिकट खिड़की पर लगी लंबी कतार के चलते दूज पर सैकड़ों लोगों की ट्रेन छूट गई। वहीं गाड़ियों की जानकारी देने के लिए परिसर में लगा एलसीडी टीवी भी बंद रहा। गाड़ियों की जानकारी करने को लेकर यात्रियों में अफरा - तफरी मची रही।