डॉक्टर के आवास पर बुखार रोगी की मौतइलाज का खर्च न देने पर हुआ बवाल
डीएम बंगले के करीब है डाक्टर का आवास
पीलीभीत। डीएम आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर एक डॉक्टर के आवास पर भर्ती बुखार पीड़ित युवक की मौत के बाद इलाज का पैसा दिए बगैर शव सौंपने से इंकार करने पर परिजन भड़क गए। उन्होंने पैसे के अभाव में इलाज बंद करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने बातचीत के बाद शव परिजनों के हवाले करा दिया।
थाना जहॉनाबाद के गांव खमरिया पुल निवासी पोथीराम ने बताया कि 22 वर्षीय बेटा बबलू तेज बुखार से पीड़ित था। उसे आठ अगस्त को गोदावरी स्टेट स्थित डॉ हिमालिका के आवास पर चल रहे कथित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। तीन दिन में 15 हजार रुपये भी डॉ हिमालिका के पास जमा कर दिए थे। आरोप है कि मंगलवार की सुबह डा. हिमालिका ने इलाज पर खर्च हुए बकाया रुपये मांगे। पैसे घर से लाकर देने की बात कहने पर डॉक्टर ने मरीज के लगी डिप निकाल दी। काफी कहने सुनने के बाद भी वह इलाज करने के लिए तैयार नहीं हुई। इसी बीच बबलू की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। चिकित्सक ने बिना रुपये दिए शव देने से इंकार कर दिया। इससे परिजन भड़क गए। उन्होंने हंगामा कर दिया। इससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की सूचना डीएम तक पहुंची तो कोतवाली पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट डॉ एमएम खान भी मौके पर पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने महिला डॉक्टर, उनके पति डॉ रामकुमार (वर्तमान में शाहजहांपुर के निगोही अस्पताल में पोस्टेड) और मृतक के पिता पोथीराम से पूछताछ की। सिटी मजिस्ट्रेट के हस्तक्षेप पर महिला चिकित्सक ने शव परिजनों को सौंप दिया।
मेरे आवास पर इलाज के लिए आए बबलू के पिता ने गरीबी का वास्ता देकर इलाज करने को कहा था। मानवता के नाते उसका इलाज किया जा रहा था। बबलू की मौत का हमें भी दुख है।
डॉ हिमालिका
गोदावरी स्टेट
जिस डॉक्टर के आवास पर रोगी की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। हमारे यहां उनका कोई नर्सिंग होम पंजीकृत नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
डॉ राकेश तिवारी
सीएमओ
गोदावरी स्टेट में यदि गलत ढंग से कोई नर्सिंग होम संचालित हो रहा है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
अमित गुप्ता
डीएम
मुझे रुपये के अभाव में शव रोकने की सूचना मिली थी। मौके पर जाकर मृतक के परिजन और डॉक्टर से बातचीत कर शव दिलवाया दिया।
डॉ एमएम खान
सिटी मजिस्ट्रेट