पूरनपुर। गेहूं बिक्री करने वाले किसानों को भुगतान के लिए बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने पड़ रहे है। खातों में धनराशि न होने पर चेक के डिसआनर होने की स्थिति पर प्रत्येक बार किसान से पचास से अस्सी रुपये की कटौती हो रही है। इससे किसान परेशान है। शिकायत को एसडीएम ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि अब ऐसे मामले प्रकाश में आने पर सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
प्रशासन के तमाम प्रयास के बाद भी समर्थन मूल्य योजना के तहत किसानों को गेहूं बिक्री में इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। गेहूं बिक्री होने के बाद अब किसान भुगतान को बैंक शाखाओं के चक्कर काटने पड़ रहे है। संबंधित क्रय केंद्र के खाते में धनराशि न होने से किसानों का चेक डिस्आनर होने पर किसान से पचास से अस्सी रुपये की कटौति की जा रही है। जरुरतमंद किसानों को जरुरत पर गेहूं बिक्री की धनराशि नहीं मिल रही है। कई बार चेक के डिस्आनर होने पर आर्थिक हानि भी उठानी पड़ रही है। इसकी शिकायतें लगातार एसडीएम से मिलकर किसान कर रहे है। गांव बहादुरापुर के कुछ किसानों ने आज गुरुवार को एसडीएम से मिलकर चेक के तीन, चार बार डिसआनर होने की शिकायत की। किसानों ने एसडीएम को बताया कि जिस खाते से उन लोगों को भुगतान लेना था। उसमें कल बुद्धवार को 84 लाख रुपये था। किसानों का आरोप है कि सांठगांठ से गेहूं खरीद को लेकर भुगतान भी निकाल लिया गया और किसानों को फिर भुगतान न मिलने से लौटना पड़। एसडीएम ने शिकायत कर्ताओं ने धनराशि न होने के बावजूद चेक देने पर एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर देने के निर्देश दिए। ताकि ऐसे मामलों की एफआईआर कराई जा सके। एसडीएम ने बताया कि चेक डिसआनर होने पर अब संबंधित के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।