पीलीभीत। थाना माधोटांडा के गांव मझाराताल्लुके महाराजपुर निवासी सफाईकर्मी शंकरलाल मर्डर केश की गुत्थी उलझती नजर आ रही है। आरोपी के पिता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पुत्र को निर्दोष बताया है। उन्होंने प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
बता दें कि थाना माधोटांडा के सफाईकर्मी सुनील कुमार का शव नौ फरवरी 2012 को उसके कमरे में पाया गया था। मृतक की गला घोंट कर हत्या किए जाने की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई थी। इस पर पुलिस ने गांव के ही विनोद कुमार और ग्राम खाता कोतवाली पूरनपुर निवासी अशोक कुमार यादव को हत्यारोपी बनाकर जेल भेजा था। पुलिस का कहना था कि विनोद कुमार की पत्नी से मृतक सुनील कुमार के अवैध संबंध थे। अशोक कुमार यादव विनोद का दोस्त था। इस वजह से विनोद ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसकी घला घोंट कर हत्या की। आरोपी अशोक कुमार यादव के पिता प्रेमशंकर यादव का कहना है कि पुलिस ने फर्जी कहानी गढ़ पुत्र समेत दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे डाल दिया है।
उनका आरोप है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष तपेश्वर सागर बेटे अशोक कुमार को घर से पकड़कर लाई थी, जिसे चार दिन बाद गिरफ्तारी दिखा कर झूठे बयान गढ़ सलाखों के पीछे भेज दिया। उनका कहना है कि मृतक सुनील की शादी 28 जनवरी 12 को हुई थी। वह सात फरवरी का मझारा आया और नौ फरवरी को उसका शव मिला। पुलिस ने इन तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया। प्रेमशंकर ने मुख्यमंत्री के अलावा उच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, अध्यक्ष भारतीय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र देकर सुनील मर्डर केश की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।