माधोटांडा। टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद लगाए बैठे अधिकारियों को पहले ही सीजन में झटका लग सकता है। दुधवा की तरह भ्रमण की दरें लागू कर देने से विभाग की आमदनी तो बढ़ गई, लेकिन पर्यटकों की संख्या पिछले साल की तुलना में घट कर आधी रह गई है। सीजन के शुरू के दिनों में ही पर्यटकों की संख्या में यह कमी चिंता का विषय बन गई है।
टाइगर रिजर्व घोषित होने के पहले सीजन पर पर्यटकों के लिए इसे 15 नवंबर को खोलने की विभाग ने जोर-शोर से तैयारी की थी। मीडिया में भी यह सुर्खियों में रहा। उद्घाटन भी बरेली जोन के मुख्य वन संरक्षक एमपी सिंह व विशेष अतिथि डीएम ओएन सिंह ने किया। आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग ने दुधवा की तर्ज पर भ्रमण शुल्क भी निर्धारित किया। चूका बीच को भी और अधिक सजाया संवारा गया। पर्यटकों को पहुंचने में असुविधा न हो इसके लिए जंगल की सड़कों आदि को भी दुरुस्त किया गया। जगह-जगह रैली भी निकाली गई। गोष्ठी आदि भी आयोजित हुईं। पर यह सब प्रयास पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में शुरुआती दौर में फिलहाल रंग नहीं दिखा सके हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक पिछले सीजन में 15 नवंबर से तीन दिसंबर तक चूका बीच में आने वाले पर्यटकों की संख्या जहां 1500 थी वहीं इस बार तीन दिसंबर तक कुल 735 पर्यटक ही पहुंचे हैं। यह बात दीगर है कि दुधवा की तर्ज पर भ्रमण की दरें बढ़ा कर लागू कर देने से विभाग की आय में खासा इजाफा हुआ है। पिछले साल तीन दिसंबर तक पर्यटकों से 43 हजार रूपये की आमदनी हुई थी, लेकिन इस बार विभाग को 1.42 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने भी इकी पुष्टि की, लेकिन उन्होंने कहा कि पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो इसके प्रयास किए जाएंगे।