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गन्ने को ख्ाराब बताकर नहीं ले रहीं मिलें

Sat, 29 Nov 2014 05:31 AM IST
Pilibhit
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पीलीभीत। गन्ना सीजन शुरू होते ही किसानों के साथ खेल शुरू हो गया है। क्रय केंद्रों पर पहुंच रहे किसानों के गन्ने को रिजेक्ट प्रजाति बताकर लौटाया जा रहा है। वहीं कई किसानों के गन्ना लदे वाहन तीन दिनों से क्रय केंद्रों पर खड़े हैं।
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शहर स्थित एलएच शुगर मिल के चलते के साथ किसानों का उत्पीड़न होने लगा है। गन्ने के इस खेल में किसानों का गन्ना रिजेक्ट बताकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। मिल चलने के बाद पहले दिन से ही शुरू हुई रिजेक्ट प्रजाति की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। गजरौला के बाद अब बिथरा और न्यूरिया और भमौरा क्षेत्र के किसानों का गन्ना भी रिजेक्ट बताकर क्रय केंद्रों से लौटाया जा रहा है।
इसको लेकर कई किसानों ने समिति के डायरेक्टर डॉ. राममूर्ति गंगवार के नेतृत्व में डीसीओ से मुलाकात कर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
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ग्राम हरकिशनापुर के मथुरा प्रसाद, ग्राम विथरा निवासी भीमसेन व घनश्याम तथा सड़ा निवासी लालता प्रसाद ने बताया कि उनके पास पर्ची मिलने पर वह गन्ना लेकर भमौरा ए और विथरा बी सेंटरों पर गए लेकिन रिजेक्ट बताकर उनका गन्ना नहीं तोेला गया। उन्होंने डीसीओ से क्रय केंद्र पर ट्राली में भरा गन्ना और खेत में खड़े गन्ने की जांच कराने और सर्वे में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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बाहरी गन्ना खरीदने को कर रहे खेल
गन्ना समिति के डायरेक्टर डॉ. राममूर्ति गंगवार का आरोप है कि मिल प्रबंधन प्रारंभ में बाहरी क्षेत्रों से खरीदे गए गन्ने की पेराई करता है। इसके लिए जानबूझ कर पर्चियों में गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि गन्ने की वैराइटी रिजेक्ट है तो सर्वे के समय क्यों इसका उल्लेख नहीं किया गया। जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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किसान, सामान्य पर्ची पर रिजेक्ट वैरायटी का गन्ना लेकर आ रहे हैं जिससे दिक्कत हो रही है। इसमें कुछ किसानों ने अपनी गलती मानते हुए सामान्य में दर्ज गन्ने को रिजेक्ट में तब्दील भी करा लिया है। यदि कहीं गड़बड़ी है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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- वसी अहमद, सचिव, सहकारी गन्ना समिति
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