पीलीभीत। एसपी बंगले में रात्रि ड्यूटी के दौरान आंवला के ग्राम कसूमरा निवासी दिनेश कुमार की रविवार तड़के हुई मौत की गुत्थी उलझ गई है। हालांकि पुलिस अभी भी इसे आत्महत्या मान रही है लेकिन परिवार वालों की ओर से आंवला थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद महकमा अपने बचाव में जुट गया है।
रविवार को एसपी समेत सभी पुलिस वाले कह रहे थे कि दिनेश ने राइफल से खुदकुशी करते समय ट्रैगर पैर के अंगूठे से दबाया होगा। यह भी कहा जा रहा था कि राइफल की नाल आंख के पास लगाई होगी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली गर्दन में कान के पीछे की ओर से लगकर आंख को चीरते हुए निकलने की पुष्टि के बाद महकमा कहने लगा है कि दिनेश ने राइफल की नाल कान के पास लगा कर फायर किया होगा।
एसपी सोनिया सिंह ने सोमवार सुबह कोतवाल सिकंदर सिंह यादव को अपने बंगले पर बुलाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और संतरी पोस्ट में कुर्सी पर एक सिपाही को बैठाकर संभावित घटना का डेमो कराया। डेमो के बाद एसपी ने बताया कि ऐसा लगता है कि सिपाही ने कुर्सी पर बैठकर राइफल को जमीन और दीवार के कोने में रखकर नाल को पीछे से गर्दन में लगाकर हाथ से ट्रैगर दबाया होगा, जिससे गोली गर्दन में घुसकर आंख से निकलते हुए छत में लगी है। एसपी के अनुसार यदि किसी ने हत्या की होती तो गोली सामने या पीछे से मारने के बाद सीधी जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
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फायर एक्सपर्ट टीम करेंगी जांच
सिपाही की मौत हत्या या है आत्महत्या, इसकी जांच के लिए लखनऊ से फायर एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया है। टीम लखनऊ से रवाना हो चुकी है। एसपी ने बताया कि गोली कांड के विशेष मामलों में लखनऊ की इस टीम का सहारा लिया जाता है। टीम यहां पहुंचकर स्वयं गोली मारने अथवा किसी के द्वारा फायर करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर वैज्ञानिक विधि से जांच करेगी।
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मंगेतर से हुई थी अंतिम बात
दिनेश की मौत के बाद पुलिस को उसकी तलाशी में सुसाइड नोट और मोबाइल मिला था। मोबाइल की कॉल डिटेल डिलीट थीं। इस पर पुलिस ने कंप्यूटर से उसकी कॉल डिटेल निकाली है। इसमें पिछले कई दिनों से उसके और मंगेतर कल्पना के बीच लंबी बात होने की जानकारी मिली हैं। रविवार को भी रात लगभग नौ बजे की अंतिम कॉल उसकी मंगेतर की है लेकिन इसकी समयावधि काफी कम है। पुलिस इस दौरान हुई बातचीत वाले अन्य फोन नंबरों की भी जांच कर रही है।
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दोनों सिपाहियों से भी पूछताछ
घटना से पूर्व दिनेश को ड्यूटी सौंपने वाले सिपाही अजीत और अमित से भी पुलिस ने पूछताछ की है। दोनों सिपाहियों से भी पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।
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सिपाहियों को मिली छुट्टी
दिनेश की मौत कारण छुट्टी स्वीकृत न होना बताया जा रहा है। यही वजह है कि दिनेश की मौत के बाद छुट्टी के लिए परेशान घूम रहे सिपाहियों को एकाएक छुट्टी मिल गई है। सोमवार को कई सिपाहियों की छुट्टी स्वीकृत हो गई।
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पुलिस को ढूंढने होंगे इन सवालों के जवाब
. यदि सिपाही ने पीछे से खुद गोली मारी थी फिर वह औंधे मुंह कैसे गिरा और रायफल उसके नीचे कैसे पहुंच गई?
. जानकार होने के बाद भी पहले पुलिस अधिकारियों ने गोली आगे से लगना क्यों बताया?
. यदि उसने कुर्सी पर बैठकर हाथ से ट्रैगर दबाया था तो एक पैर का जूता और मोजा क्यों उतरा हुआ था?
. गोली चलने की आवाज सिर्फ बंगले के पीछे चोर पहरा दे रहे दो सिपाहियों को ही क्यो सुनाई दी?