तेज हवाओं के बीच थाना जहानाबाद क्षेत्र के गांव अमखिड़िया में रेपर (भूसा बनाने वाली मशीन) से निकली चिंगारी से 88 और परेवावैश्य में नौ बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। उधर, बिलसंडा क्षेत्र के गांव जादौपुर में दो बीघा गेहूं और ट्रॉली में भरा भूसा जलकर नष्ट हो गया।
परेवावैश्य। गुरुवार दोपहर अमखिड़िया निवासी अकील अहमद अपने खेत में खड़ी नरई का रेपर से भूसा बनवा रहे थे। इसी दौरान रेपर से निकली चिंगारी से आग लग गई। तेज हवा ने आग में घी का काम किया। देखते ही देखते नरई धू-धू कर जलने लगी। शोरशराबा होने पर जब तक लोग कुछ समझ पाते और मौके पर पहुंचते। इससे पहले ही आग की लपटों ने गांव नगरिया निवासी जानकी के खेत को अपनी चपेट में ले लिया। भीषण आग लगने की जानकारी किसानों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी और खुद भी आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटों के आगे किसान बेबस रहे। भीषण आग से जानकी का आठ बीघा, डोरीलाल की 10, ऐले उमर की 14, बांकेलाल की 10, द्वारिका, अब्बन, अब्दुल मजीद और जमील की पांच-पांच बीघा, राजू, कांता प्रसाद की 10-10 बीघा, गांव सैहजना निवासी टीकाराम और जयजय राम की तीन-तीन बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। उधर, परेवावैश्य माइनर की झाड़ियों में जलती बीड़ी फेंकने से लगी आग में गांव के ही भदईया का चार और अजीजुल्ला खां का पांच बीघा गेहूं जल गया। किसानों ने ट्रैक्टर से जुताई कर जैसे-तैसे आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, जिससे किसानों में रोष है।
बिलसंडा। गांव जादौंपुर में बन रहे महिला डिग्री कॉलेज के पास गांव निवासी शंकर लाल के खेत में अचानक आग लग गई, जिससे उसका दो बीघा गेहूं जल कर राख हो गया। पड़ोस के पल्लू के खेत में रेपर से भूसा बना रहा गांव का विनोद आग देखकर घबरा गया और वह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर खेत से भागने लगा। जल्दबाजी में ट्रॉली का पहिया नाली में गिर गया। जिससे आग ट्रॉली में भरे भूसे में लग गई। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाई।