गभिया सहराई/पीलीभीत। इंडो नेपाल सीमा से सटे इलाके के ग्राम गभिया सहराई में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक की तैनाती न होने से स्वयं बीमार होकर रह गया है। यह छह गांव की आबादी का उपचार एक मात्र फार्मासिस्ट के हवाले है। माधोटांडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीमावर्ती इलाके में कई गांव बसे हुए है। यहां गभिया सहराई, महाराजपुर के अलावा बॉर्डर तक के छह गांव के इलाके में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। जिसके चलते वर्षों पूर्व लाखों रुपये खर्च कर ग्राम गभिया सहराई में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनवाया गया था। उस समय ऐसा माना जा रहा था कि मरीजों के उपचार के लिए जल्द ही चिकित्सक की तैनाती भी हो जाएगी। इधर, लंबा समय बीतने के बाद भी ग्रामीणों का यह सपना पूरा नहीं हो सका है। हालांकि इस मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता ने कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर विभागीय अधिकारियों तक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। स्वास्थ्य केंद्र पर क्षेत्र के रोजाना करीब पचास मरीजों की आमद होती है। यही वजह है कि चिकित्सक की तैनाती न होने से मरीजों का उपचार यहां तैनात फार्मासिस्ट मनोज गोस्वामी ही कर रहे है।