सीमावर्ती क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने तेंदुुए का मामला
माधोटांडा/पीलीभीत। सीमावर्ती क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने तीसरे तेंदुए को भी पिंजरे में कैद किया जाएगा। आबादी क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता के बाद एक बार फिर अधिकारियों ने तेंदुए को पिंजरे में कैद करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कैमरों की मदद से अधिक चहलकदमी वाले क्षेत्र को चिह्नित कर पिंजरे को लगाया जाना है।
बराही रेंज के सीमा क्षेत्र में चार माह पूर्व से तेंदुए का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यहां चार गांव की आबादी क्षेत्र में कई दर्जन मवेशियों को तेंदुआ अब तक निवाला बना चुका है। वहीं सक्रियता बढ़ती देख दो नर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ा भी जा चुका है। हालांकि इसके बाद भी क्षेत्र में तेंदुए का आतंक कम नहीं हो सका है। तीसरे तेंदुए ने दस्तक देकर मवेशियों को निवाला बनाना शुरु कर दिया है। इधर, आबादी क्षेत्र में बढ़ रही सक्रियता के बाद टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने एक बार फिर तेंदुए को कैद करने की योजना बनाई है। इसके लिए कैमरों की मदद से तेंदुए पर नजर रखने के बाद अधिक चहलकदमी वाले क्षेत्र में पिंजरे को लगाया जाना है। अधिकारियों ने क्षेत्रीय वनकर्मियों को पिंजरा लगाने के निर्देश दे दिए हैं। डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार ने बताया कि तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए अधिकारियों के निर्देश पर जल्द ही क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाएगा।