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शासन ने 11 दिन बाद भेजा स्वेटर वितरण का बजट

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परिषदीय स्कूलों में स्वेटर वितरण को लेकर शासन ने आखिरकार 11 दिन बाद बजट जारी कर दिया, लेकिन अब भेजे गए बजट को लेकर पेंच फंस गया है। शासन ने वर्तमान छात्र संख्या के अनुसार धनराशि न भेजकर कम धनराशि भेजी है। प्रभारी बीएसए ने शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र भेजकर बजट की स्थिति स्पष्ट करने आग्रह किया है।
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शासन ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित जिले के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले 1,84,587 बच्चों को 31 अक्तूबर तक स्वेटर वितरण करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसको लेकर कोई बजट जारी नहीं किया गया। शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने दोबारा 17 अक्तूबर को सहायक शिक्षा निदेशक बरेली एसएन सिंह को तत्काल स्वेटर वितरण कराने के निर्देश दिए। शासन से हो रही सख्ती के बाद एडी बेसिक एसएन सिंह ने आनन-फानन में बिना बजट ही 23 अक्तूबर से स्वेटर वितरण का फरमान जारी कर दिया। महकमे के दबाव में परिषदीय विद्यालयों में 23 अक्तूबर से बिना बजट ही उधारी में स्वेटर वितरण शुरू कर दिया गया।
इधर परिषदीय विद्यालयों में 23 अक्तूबर से अब तक करीब 75 हजार बच्चों को स्वेटर बांटे जा चुके हैं, तब कहीं जाकर शासन ने दो नवंबर यानी 11 दिन बाद छात्र संख्या 1,84,587 के सापेक्ष 1,68,98000 धनराशि जारी कर दी। इधर शासन द्वारा स्वीकृत किए गए बजट को लेकर पेंच फंस गया है। महकमे के मुताबिक शासन द्वारा आवंटित धनराशि न तो शत प्रतिशत है और न ही 50 प्रतिशत है। ऐसे में प्रति विद्यार्थी किस दर से विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में स्थानांतरित की जाए, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रभारी बीएसए/डीआईओएस संत प्रकाश ने शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र भेजकर आवंटित बजट की स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है।
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शासन द्वारा स्वेटर को लेकर बजट आवंटित कर दिया गया है, लेकिन भेजी गई छात्र संख्या के अनुसार जो बजट आवंटित किया गया है, उससे स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इसको लेकर शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र भेजा गया है।
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संत प्रकाश, प्रभारी बीएसए/डीआईओएस
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