मजदूर को आर्थिक मदद दिलाने के बहाने कुछ लोगों ने उसके जमीन के कागजात लेकर उसके कुछ अभिलेखों पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में मजदूर को पता ही नहीं लगा और जमीन पर आठ लाख का लोन निकलवा लिया गया। मार्च महीने में बैंक से नोटिस मिलने पर लोन की जानकारी हुई तब मजदूर के पसीने छूूट गए। पूछने पर आरोपियों ने धमकी देकर भगा दिया। सुनगढ़ी पुलिस ने मामले में तहरीर मिलने पर वकील समेत तीन नामजद व दो अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की है।
नकटादाना चौराहा निवासी अरविंद सिंह पुत्र जीवनलाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि न्यूरिया के नवदिया गांव निवासी मेवाराम ने उसको दो साल पहले तीन लाख रुपये लोन दिलाया था। जिसको वह चुकता कर चुका है। इसके कुछ दिन बाद साल 2016 में उसको रुपये की दुबारा जरूरत थी। इसके लिए वह मेवाराम से मिला। उसने व उसके साथियों ने लोन दिलाने के बहाने उसकी चार बीघा जमीन के कागजात ले लिए। आरोपियों ने अस्सी हजार रुपये लोन दिलाने का झांसा देकर कुछ अभिलेखों पर हस्ताक्षर करा लिए। दूसरे दिन आरोपियों ने कहा कि लोन नहीं हो सकता। इस पर जब दिए गए कागजात वापस मांगे गए तो आरोपी टाल मटोल करते रहे। इस बीच आरोपियों ने जालसाजी कर उसके नाम से इंडियन बैंक से आठ लाख रुपये लोन निकाल लिया। जिसकी जानकारी मार्च माह में बैंक से नोटिस मिलने पर पीड़ित को हुई। इसको लेकर आरोपियों से संपर्क कर सवाल-जवाब किया तो वह झगड़ा फसाद करने पर उतारू हो गए। गाली गलौज कर धमकी देकर भगा दिया गया। थानाध्यक्ष मोहम्मद कासिम ने बताया कि तहरीर के आधार पर नवदिया गांव निवासी मेवाराम, मोहल्ला भूरे खां निवासी हसीब, सुरभि कॉलोनी निवासी वकील रविंद्र पाल सिंह व दो अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।