पीलीभीत। ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर जिले भर के ग्रामीण डाकसेवक शनिवार को भी हड़ताल पर रहे। डाक सेवकों ने मुख्य डाकघर पर नारेबाजी कर धरना दिया। वहीं पुलिस ने बिना अनुमति मुख्य डाकघर में चल रहे धरने को समाप्त करवा दिया।
डाक विभाग में करीब सवा दो सौ ग्रामीण डाकसेवक कार्यरत हैं। आरोप है कि इन सभी को क्षमता से अधिक कार्य देने के बावजूद नाममात्र का पारिश्रमिक दिया जा रहा है। लंबित मांगों का निस्तारण न होने के विरोध में डाकसेवकों ने ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक यूनियन के आह्वान पर 16 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू की थी। इधर जिले भर के डाकसेवक शनिवार को हड़ताल पर रहे। हड़ताली डाकसेवकों ने मुख्य डाकघर परिसर में एकत्र होकर धरना दिया। इस दौरान सभा भी हुई। कहा गया कि डाकसेवकों की जीडीएस कमेटी की रिपोर्ट को एआईजीडीएसयू द्वारा दिए गए सुझावों के साथ लागू कराने, ग्रामीण डाकसेवकों को आठ घंटे कार्य व विभागीकरण करने, पेंशन व्यवस्था लागू कराने व केंद्रीय कैट व मद्रास बेंच के आदेशों के अनुसार जीडीएस को भी पेंशन लागू कराने व जीडीसी का टारगेट के नाम पर उत्पीड़न बंद करने आदि की मांग लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन अभी तक किसी भी मांग का निस्तारण नहीं किया गया। तय हुआ कि जब तक मांगों का निस्तारण नहीं होता आंदोलन जारी रहेगा। धरना देने वालों में अध्यक्ष दीनानाथ गंगवार, कार्यकारी अध्यक्ष शंतिप्रकाश मिश्रा, सचिव अजय कुमार सक्सेना, विमल सक्सेना, जयपाल, नवी अहमद, सतविंदर सिंह, गंगाचरन, जयपाल वर्मा आदि शामिल रहे।
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पुलिस ने बिना अनुमति चल रहे धरने को समाप्त कराया
हड़ताली डाक सेवकों के धरने की जानकारी मिलने पर एसएचओ सुनगढ़ी मोहम्मद कासिम ने धरने की अनुमति को लेकर जानकारी जुटाई। इसमें धरना बिना अनुमति होना पाया गया। अधिकारियों के संज्ञान में डालने के बाद वह करीब पौने तीन बजे टीम के साथ डाकघर पहुंचे। जहां आंदोलन कर रहे पदाधिकारियों से वार्ता की और अनुमति के बाद ही धरना प्रदर्शन करने को कहा। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। पुलिस के समझाने के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।