पीलीभीत। कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने बिना किसी नोटिस अथवा उच्चाधिकारियों की अनुमति के कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पर विरोध जताया है। बैठक कर एसडीएम अमरिया के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास कर डीएम को ज्ञापन सौंपाकर प्रकरण की जांच कराने की मांग की।
उत्तर प्रदेश मिनिस्टिीरियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के तत्ववाधान में कर्मचारियों की बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों ने कहा अमरिया तहसील क्षेत्र के कोटेदारों की सूची को गड़बड़ी को लेकर बीडीओ एवं पूर्ति निरीक्षक खुद एव अपने स्टाफ को बचाने के प्रयास में जुटे हैं और इसी के चलते एसडीएम अमरिया श्रद्धा शांडिल्यायान ने तत्कालीन स्टेनो वर्तमान में कलेक्ट्रेट में तैनात कर्मचारी अमित सक्सेना के खिलाफ अमरिया थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करा दी है। नियमित: किसी भी कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले उच्चाधिकारियों से अनुमति ली जानी चाहिए साथ ही संबंधित को नोटिस देकर उसका पक्ष भी सुना जाना चाहिए। एसडीएम की एक तरफा कार्रवाई के विरोध में कर्मचारियों ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। कर्मचारियों का आरोप है कि पूरे मामले में एसडीएम अमरिया की भूमिका भी संदिग्ध है। बैठक के बाद कर्मचारियों ने डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपा। इसमें कर्मचारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त कराने एवं एसडीएम अमरिया श्रद्धा शांडिल्यायन, बीडीओ अमरिया सुभाष नेमा व पूर्ति निरीक्षक रजनीश शुक्ला के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई। ऐसा न होने पर 13 जुलाई से कलक्ट्रेट में अनिश्चित कालीन धरना एवं हड़ताल की चेतावनी दी गई है। बैठक में ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष जयप्रकाश गंगवार, मंत्री अश्वनी कुमार राजा, गजेद्र पाल सिंह, नवल सक्सेना, विमल सक्सेना, राकेश कुमार, पुनीत कुमार, राजपाल, संजय वर्मा, संजीव सक्सेना, सुनील शर्मा, महिपाल, कामता प्रसाद, वीरेंद्र सिंह, नत्थूलाल, ज्योति सिंह, चंद्रकांता आदि थे।