पूरनपुर। जमीन पर मालिकाना हक न मिलने से चंदिया हजारा ग्राम पंचायत के 904 किसानों का किसान पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। खाद की दुकानों पर पंजीकरण दिखाने का दवाब बनाया जा रहा है। किसानों को खाद भी नहीं मिल पा रही है। इससे किसान सरसों, गेहूं की फसल में खाद नहीं लगा पा रहे है। समस्या पर किसानों में रोष है।
ग्राम पंचायत चंदिया हजारा जब बसाया गया था तब अधिकांश परिवारों को तीन-तीन एकड़ और कुछ किसानों को ढ़ाई एकड़ के हिसाब से जमीन दी गई थी। जमीन पर अब तक किसानों को मालिकाना हक नहीं मिल सका। मालिकाना हक के लिए किसान कई बार धरना प्रदर्शन आंदोलन भी कर चुके है। विस्थापित परिवारों का विभाजन होने पर अब चंदिया हजारा में 904 हो गए। इन परिवारों पर किसी के पास दो किसी के पास ढ़ाई, एक एकड़ जमीन है। इन किसानों को फसलों में लगाने के लिए खाद नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे किसान पंजीकरण न कराने की वजह सामने आ रही है। पंजीकरण न कराने वाले किसानों को खाद न देने के खाद व्यापारियों को निर्देश दिए गए हैं। किसान पंजीकरण न होने से 904 परिवारों को सरसों, गेहूं की फसल में खाद लगाने को नहीं मिल रही है। चंदिया हजारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के चलते अधिकांश किसान सरसों, गेहूं और इसके बाद गन्ना की फसल बोते है। ताकि बाढ़ की तबाही पर कुछ गन्ना की फसल बच सके। इसके अलावा कई किसान अरबी, हल्दी, केला की भी फसलें करते है। चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि समस्या की जानकारी पर खाद व्यापारियों ने किसान पंजीकरण देखे बगैर खाद न देने के निर्देश मिलने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समस्या से जिला कृषि अधिकारी को भी अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान न होने से किसान परेशान है।