पीलीभीत। मतगणना प्रारंभ होने के पहले पांच-पांच बूथों की ईवीएम के मत और वीवीपैट से निकलने वाली पर्ची से मिलान किया जाएगा। रेंडम जांच के बाद सब कुछ ओके मिलने पर ही मतगणना प्रारंभ होगी। अगर ईवीएम और वीवीपैट की पर्ची में अंतर आता है, तो इसके लिए मतदान कार्मिक जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं मतदाताओं की मौजूदगी में ईवीएम और वीवीपैट की सील तोड़ी जाएगी। इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिले में 23 मई को सुबह आठ बजे से प्रारंभ होने वाली मतगणना को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रुप देने में जुटा हुआ है। एडीएम/उप जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक चारों विधानसभाओं के पांच-पांच बूथों की होने वाली गणना का फैसला प्रेक्षक की मौजूदगी में अफसर करेंगे। रेंडम जांच में अगर किसी बूथ पर वीवीपैट की पर्ची और ईवीएम की संख्या में अंतर आता है, तो उस बूथ पर तैनात मतदान कार्मिकों की जबाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। जिले के 1538 बूथों के लिए सुबह आठ बजे से मतगणना प्रारंभ होगी, मतों की गणना का रुझान एक घंटे के बाद आना प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए मंडी में कंट्रोल रूम भी स्थापित होगा।
लकी ड्रा से बूथों का चुनाव
एडीएम प्रशासन अतुल सिंह ने बताया कि एक विधानसभा के पांच-पांच बूथों का चयन करने के लिए लकी ड्रा कराया जाएगा। अभिकर्ताओं की मौजूदगी में होने वाले लकी ड्रा में बूथों का चयन करके ही गणना की जाएगी। अफसरों और प्रेक्षकों की मौजूदगी में होने वाले मिलान के बाद ही मतगणना का कार्य प्रारंभ होगा।
मतगणना में लगेंगे बैंक, डाकघर और आयकर के कर्मचारी
मतगणना कार्य में बैंक, डाकघर और आयकर विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी प्रमुखता से लगाई जाएगी। मतगणना में अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं होगी। इसलिए केंद्रीय कर्मचारियों को प्रमुखता से रखा जा रहा है, कम पड़ने पर अन्य विभागों के कर्मचारियों को लगाया जाएगा।
वीडियो कांफ्रेंसिंग मेें दी मतगणना की जानकारी
पीलीभीत। मतगणना व्यवस्थित ढंग से कराने के संबंध में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेकटेश्वर लू ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्वाचन में लगे अफसरों को सर्विस वोटर, वीवीपैट पर्ची, काउंटिंग में खास सावधानी बरतने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से मतगणना को लेकर गई तैयारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अफसरों को निर्देश दिए कि मतगणना के दौरान वह सावधानी से काम करें, इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। गणना एजेंटों को ईवीएम को ही दिखाने के साथ पर्ची का मिलान कराएं। ब्यूरो।