वनकर्मियों ने पगचिह्न किए ट्रेस
जराकोठी (पीलीभीत)। माला जंगल से बाहर निकल रहे बाघों की सक्रियता कम होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार रात जंगल से बाहर निकला बाघ निगोही ब्रांच नहर पार कर गांव नदहा के करीब पहुंच गया। मंगलवार सुबह गांव से बाहर हिस्से में टहलने निकले ग्रामीणों के उस समय पसीने छूट गए जब उनकी नजर गांव के पचास मीटर की दूरी पर खेत में बने बाघ के पगचिह्न पर पड़ी। ग्रामीणों की सूचना के बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई।
टाइगर रिजर्व से बाहर निकलकर आबादी क्षेत्र की ओर रुख कर रहे बाघों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। माला रेंज के बाहर गजरौला क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में बाघों की अधिक सक्रियता देखी जा रही है। यहां बाघ आधा दर्जन से अधिक गांव की सीमा क्षेत्र में चहलकदमी कर किसानों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सोमवार रात जंगल से बाहर निकला बाघ निगोही ब्रांच नहर को पार कर नदहा गांव की सीमा में पहुंच गया। इसकी जानकारी तब हुई जब मंगलवार सुबह गांव के बाहरी हिस्से में टहलने के लिए निकले कुछ ग्रामीणों की मार्ग के निकट खेतों में बने बाघ के पगचिह्न पर नजर पड़ी। गांव से मात्र पचास मीटर की दूरी पर बाघ के पगचिह्न देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना के बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। डर से सहमे ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी। सूचना के बाद गढ़ा रेंज के वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई। डिप्टी रेंजर महेश कुमार ने बताया कि सूचना के बाद टीम को मौके पर भेजा गया है। जहां बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए गए हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है।