54 लाख का मामला, डीएम कार्यालय से गायब हो गई फाइल
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर जिला पंचायत द्वारा 54 लाख खर्च कर बनाई गई दुकानों को तोड़ने का आदेश भले ही जारी नहीं हुआ लेकिन इस मामले से संबंधित एक महत्वपूर्ण फाइल डीएम कार्यालय से गायब होने की बात सामने आई है। इसको लेकर विभाग में अधिकारियों में हड़कंप सा मचा हुआ है।
सपा शासनकाल के समय पुराने जिला अस्पताल भवन की जमीन पर जिला पंचायत द्वारा नियमों को ताक पर रखकर 31 दुकानों का निर्माण आननफानन में कराया गया था। इन दुकानों के निर्माण में 54 लाख खर्च हुआ। दोनों ही विभाग इस जमीन पर अपना मालिकाना हक जता रहे थे, पिछले दिनों इस मामले की सुनवाई पूरी होने पर जमीन का मालिकाना हक स्वास्थ्य विभाग के पक्ष में हुआ। इसके बाद आननफानन में जिला पंचायत द्वारा पूरे प्रकरण की फाइल डीएम कार्यालय भेज दी गई। अपर मुख्य अधिकारी जागन सिंह ने बताया कि मालिकाना हक स्वास्थ्य विभाग के पक्ष में जाने की जानकारी पर करीब एक महीने पहले विभाग के चार कर्मचारी राकेश, मदनलाल, रोहिताश और श्रीकांत द्वारा फाइल डीएम कार्यालय भेजी गई थी। यह फाइल डीएम के स्टेनो धर्मेंद्र को देना बताया गया है। एक महीने बाद भी इस फाइल का पता नहीं चल सका है। बताया गया है कि फाइल में दुकानों के टेंडर व केस संबंधी दस्तावेज है।