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ये नहीं सुधरने वालें: डीडीओ, समाज कल्याण अधिकारी बैठे मिले, बाकी नदारद

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व‌िकास भवन - फोटो : अमर उजाला
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विकास भवन दफ्तरों के अधिकांश अफसरों की खाली मिली कुर्सियां
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पीलीभीत। विकास की राह दिखाने वाले विकास भवन के हालात खराब होती जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने आदेशित किया है कि सभी अफसर नौ बजे से दफ्तरों में बैठकर जनता की समस्याएं सुनेंगे। लेकिन यहां अधिकांश विभागों के अफसर सुबह नौ बजे नहीं पहुंचते हैं। यह हाल तब है, जब यहां मुख्य विकास अधिकारी, पंचायत राज विभाग, समाज कल्याण विभाग, कृषि विभाग, विकलांग विभाग, जिला अर्थ संख्याधिकारी के साथ साथ सहकारिता विभाग जैसे करीब 25 महत्वपूर्ण विभाग आते हैं।

शनिवार सुबह जब 10 बजे अमर उजाला की टीम ने विकास भवन का जायजा लिया तो सच्चाई उजागर हो गई। सुबह 10 बजे लगभग जिला विकास अधिकारी/ प्रभारी सीडीओ सुशील कुमार उपाध्याय और जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश शर्मा ही कार्यालय में दिखे। बाकी सभी कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी घूमने-फिरने में व्यस्त थे। खाली कुर्सियां शोपीस बनी हुई थीं, तो कई के कार्यालय पर ताला लटका था। फरिया दी भी बड़ी उम्मीद के साथ सुबह से ही अधिकारियों का इंतजार कर रहें थे, लेकिन उनकी सुनने वालों कोई नहीं था।
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सुबह 10:35 बजे
स्थान- जिला सहायक निबंधन सहकारी अधिकारी कार्यालय
तीन चार महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारी के चैंबर के बाहर मौजूद थीं। मौके पर कोई मौजूद नहीं दिखा। कार्यालय के बाहर खड़े कर्मचारी ने पूछने पर बताया कि साहब बाहर गए हैं। उनके आने के बाद ही कोई काम हो सकेगा। इसके बाद महिलाएं भी निराश होकर चली गईं।

सुबह 10:12 बजे
स्थान- जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय
सभी कुर्सियां खाली पड़ी थीं। बराबर कार्यालय में बैठे कर्मचारियों से पूछा तो बताया गया कि अभी तक स्टॉफ के नहीं आने का कारण पता नहीं। साहब कार्यालय में कम ही बैठते हैं। कर्मचारी ही फरियादियों की सारी समस्या निपटा देते हैं।

सुबह 10:10 बजे
स्थान- जिला पिछला वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय
ऑफिस के बाहर बैठे अर्दली ने बताया कि साहब तो कहीं मीटिंग में गए हुए हैं। थोड़ी देर बाद आएंगे लेकिन दूसरे कमरे का पूरा स्टॉफ कहां नदारद है यह पता नहीं चल सका। अर्दली ने बताया कि सभी लोग काम से निकले हुए हैं।

सुबह 10:00 मिनट
स्थान- पशुपाल विभाग
ऑफिस के इस चैंबर में लगभग पांच स्टाफ के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन मौके पर अधिकारी तो क्या कोई कर्मचारी भी नहीं दिखा। पूछने पर एक स्थानीय कर्मचारी ने बताया कि विभागीय कर्मचारी आसपास के किसी चैंबर में होंगे, लेकिन साहब तो अभी आए नहीं है।
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बायोमेट्रिक से हाजिरी लगाने के बाद हो सकता है कि अधिकारी किसी काम के सिलसिल में अन्य जगह काम से गए होंगे। अगर कोई अनुपस्थित रहा है तो उसकी जांच कराई जाएगी। जांच में अगर लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई की व कराई जाएगी।
सुशील कुमार उपाध्याय, डीडीओ/ प्रभारी सीडीओ
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