- खेत में बाघ होने के खतरे पर पहुंची थी वन विभाग की टीम, पटाखा जलाया तो लगी आग
- दस एकड़ गन्ना जला, समझाबुझाकर एक घंटे बाद कराया गया मुक्त
जहानाबाद क्षेत्र के सुंदरपुर गांव में बाघ के चहलकदमी की सूचना पर पहुुंची वन विभाग की टीम ने गन्ने के खेत के निकट पटाखे दगा दिए। इससे गन्ने की फसल में आग लग गई। जब तक आग पर काबू पाया जाता करीब 10 एकड़ गन्ना जल गया। गन्ने में आग लगने से नाराज किसानों ने वनकर्मियों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाबुझाकर ग्रामीणों को शांत कराकर करीब एक घंटे बाद वनकर्मियों को मुक्त कराया।
शनिवार को अमरिया से निकल कर एक बाघ जहानाबाद क्षेत्र के सुुंदरपुर और पंसोली गांव के निकट खेतों तक पहुंच गया था। इसकी सूचना मिलने पर रविवार को वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी साथ ही पदचिह्न ट्रेस किए थे। सोमवार को किसानों ने बाघ के डर से गन्ने की फसल नहीं काटी और क्षेत्र की जांच के लिए वनकर्मियों को बुलाया। दोपहर करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुुंची वन विभाग की टीम ने किसानों से गन्ना काटने को कहा, लेकिन भय के कारण किसानों ने पहले गन्ने के खेत की जांच करने की मांग की। इस पर टीम के साथ मौजूद एक संस्था के प्रतिनिधि ने पटाखे दागने का सुझाव दिया। कुछ वनकर्मियों ने गन्ने के खेत के निकट ही पटाखे दागने शुरू कर दिए। पटाखे की चिंगारी गन्ने की सूखी पत्तियों पर जा गिरी। जिससे देखते ही देखते आग लग गई। तेज हवा केे कारण आग बेकाबू होकर फैलने लगी। इस पर वनकर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पीलीभीत से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान आग लगने से नाराज ग्रामीणों ने वनकर्मियों को बंधक बना लिया।
वनकर्मियों के बंधक बनाए जाने की सूचना पर जिला मुख्यालय से अतिरिक्त फोर्स भेजकर ग्रामीणों से वार्ता की गई। अधिकारियों ने जले गन्ने का लेखपाल से सर्वे कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर वनकर्मियों को बंधन मुक्त कराया। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि गन्ने में बाघ छिपा है या नहीं यह जानने के लिए पटाखे दागे गए थे, जिससे आग लग गई। किसानों को समझाकर मामले को शांत करा दिया गया है। क्षेत्र की निगरानी के लिए टीम लगाने के साथ कैमरे भी लगवाए जाएंगे।