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आज मनेगी बकरीद, तैयारियों को दिया गया अंतिम रूप

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ईद-उल-अजहा आज, मस्जिद ईदगाह में तैयारी पूरी
देर शाम तक कुर्बानी के लिए बकरों की होती रही खरीद-फरोख्त
पर्व को लेकर लोगों में दिखा उत्साह
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। ईद उल अजहा (बकरीद) बुधवार को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर एक दिन पूर्व मंगलवार को जिले भर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। लोगों ने घरों में तैयारियों के साथ कुर्बानी देने के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त की।
ईद उल अजहा (बकरीद) ऐसा त्योहार है, जो हजरत इब्राहीम के बेटे हजरत इस्माइल की कुर्बानी की याद ताजा करता है। पर्व के एक दिन पूर्व लोगों में खासा उत्साह देखा गया। बकरीद पर कुर्बानी देने का चलन है। बकरों की कीमतें आसमान छूती नजर आईं। बाहर से खरीदारों के न आने से पिछले सालों के मुकाबले बकरों के दाम कम रहे। अलग-अलग नस्लों के बकरे बाजार में थे। व्यापारी मुन्नेे ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल बकरों के दामों में कोई खास अंतर नहीं देखा गया। इस बार बकरों की कीमत सात हजार से 25 हजार तक रही।
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अल्लाह के करीब लाती है कुर्बानी
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पीलीभीत। देशभर में ईद उल अजहा (बकरीद) की धूम है। बकरीद पर जानवर की कुर्बांनी दी जाती है। मुस्लिम धर्मगुरु इस्लामिक स्कालर मुफ्ती साजिद हसनी ने बताया कि बकरीद पर अपने जानवरों को कुर्बान करने का मकसद अल्लाह से कुर्ब हासिल करना यानि नजदीकियां बढ़ाना होता है। इस्लाम में कुर्बानी एक इबादत की हैसियत रखती है। उन्होंने कहा कि पांच लाख का बकरा खरीदने के बजाय कम कीमत का बकरा खरीद कर कुर्बानी दी जा सकती है। बाकी बची रकम से गरीबों व फकीरों की मदद की जानी चाहिए। इस्लाम कुर्बानी के साथ-साथ गरीबों, जरूरतमंदों की मदद करने का हुक्म देता है।
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कुर्बानी को सोशल मीडिया पर न करें शेयर
मुफ्ती साजिद हसनी ने कहा कि रास्ते और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करें, बल्कि अगर हो सके तो अहातों में कुर्बानी करें। जिन जानवरों पर कानूनी तौर पर पाबंदी है उनकी कुर्बानी से परहेज करें। सफाई का विशेष ध्यान रखें। कुर्बानी का वीडियो या फोटो न बनाएं और ा ही इसे सोशल मीडिया पर शेयर करें। बिरादराने वतन के जज्बातों का ख्याल रखें। कई जगह इंसानियत के दुश्मन कुर्बानी के दौरान अमन में खलल डालने की कोशिश कर सकते हैं, लिहाजा सब्र से काम लें। कानून का सम्मान करते हुए इसका पूरा पालन करें।
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वक्त ए नमाज :
मस्जिद गौसिया लोहामंडी/06:30 बजे
मस्जिद ऊंची, बरेली गेट/7.00 बजे
मस्जिद मौला बख्श, खुदागंज/7.00 बजे
मस्जिद बादशाह बेगम/7.00 बजे
मस्जिद सूफी अनवर अली/7.15 बजे
मस्जिद सलमानियान/7.30 बजे
मस्जिद एक मीनार सरफराज खां/7.30 बजे
मस्जिद कुरैशियान/7.30 बजे
मस्जिद मोटा पाकड़/7.30 बजे
मस्जिद खालिद बिन वलीद, पिंक सिटी/7.30 बजे
मस्जिद मनिहारन/7.30 बजे
मस्जिद गौसिया फीलखाना/8.00 बजे
मस्जिद छिपियान चूने वाली/8.00 बजे
मस्जिद नूरी पंजाबियान/8.00 बजे
मस्जिद हैदरी मोहम्मद वासिल/8.00 बजे
मस्जिद हुसैनी/8.00 बजे
मस्जिद पुलिया वाली पकरिया/8.30 बजे
मस्जिद सुनहरी/8.30 बजे
मस्जिद अल्लाहू मियां शेर मोहम्मद/8.30 बजे
मस्जिद मदीनाशाह/9.00 बजे
मस्जिद शाहजी मियां/9.00 बजे
ईदगाह/जामा मस्जिद/9.15 बजे
मस्जिद मोहद्दिस सूरती/9.30 बजे
(नोट-ईदगाह व जामा मस्जिद कमेटी के सेकेट्री सिराज बहादुर खां ने बताया कि बुधवार को मौसम साफ रहने पर ईद उल अजहा की नमाज ईदगाह में 9.15 बजे अदा की जाएगी। बारिश का मौसम होने पर नमाज शाही जामा मस्जिद में होगी।)
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