खेकड़ा (बागपत)।
डायरिया से बच्चों में होने वाली मौत की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपने टीकाकरण अभियान में रोटा वायरस वैक्सीन को भी शामिल किया है। अब यह खुराक सरकारी अस्पतालों में भी बच्चों को निशुल्क पिलाई जा रही है। ताकि बच्चों को डायरिया की बीमारी से बचाया जा सकेगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए रोटा वायरस वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। रोटा वायरस वैक्सीन की पांच बूंदे जन्म के 6, 10 और 14 हफ्ते की आयु पर पिलाई जा रही है। सभी केन्द्रों पर वैक्सीन आ गई है। दस्त से बच्चों की मौत दर को कम करने के लिए एंटी पोलियो खुराक की तरह ही रोटा वायरस वैक्सीन है। अब तक उल्टी दस्त होने पर बच्चों को अस्पताल में भर्ती करके नसों से सैलाइन चढ़ाया जाता है। जिंक और ओआरएस का घोल दिया जाता है। अब तक बच्चों के दस्त रोग से बचाव का कोई टीका नहीं था। रोटा वायरस वैक्सीन के प्रयोग से डायरिया के कारण बच्चों की मृत्यु दर को कम किया जा सकता है और बच्चों को बचाया जा सकता है।