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गोमती को पर्यटक स्थल बनाने की कवायद

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गोमती को पर्यटक स्थल बनाने की कवायद
क्रासर....
डीएम ने पर्यटक स्थल घोषित कराने के लिए शासन को लिखी चिट्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। गोमती नदी में अविरल धारा बहाने के साथ ही अब इसको पर्यटक केंद्र बनाने के प्रयास भी शुरू हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर जहां प्रशासन इसमें पार्क एवं मुख्य झील का सौंदर्यीकरण कराने की योजना बना रहा है, वहीं दूसरी ओर डीएम ने इसके पर्यटक स्थल घोषित कराने के लिए प्रमुख सचिव पर्यटन को पत्र भेजा है।
लखनऊ की शान बढ़ाते हुए वाराणसी में गंगा में समाहित होने वाली गोमती नदी का उद्गम माधोटांडा की फुलहर झील से है, लेकिन उपेक्षा के चलते यह मृत प्राय: अवस्था पहुंच चुकी थी। अब एक बार इसे पुनर्जीवित करने के लिए कुछ दिनों से भागीरथी प्रयास शुरू हुए हैं। एक ओर अविरल धार बहाने को नदी क्षेत्र में मशीनों और मनरेगा से खुदान कराया जा रहा है तो दूसरी ओर झील को पानी देने के लिए देवीपुर माइनर से नाले की खुदाई भी कराई जा रही है। दो अप्रैल से शुरू हुए इस कार्य के कुछ दिन पहले से ही गोमती तट पर रौनक बढ़ने लगी है। गोमती की महत्ता एवं इसके प्रति लोगों का रुझान को देखते हुए पर्यटन संभावनाएं भी दिखने लगी हैं। गोमती के सौंदर्यीकरण कराने को अधिकारियों ने अपने स्तर से तैयारी की है साथ ही लोगों से इसके लिए सुझाव भी मांगे हैं। सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि गोमती उद्गम स्थल को पर्यटक स्थल घोषित कराने के लिए डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने प्रमुख सचिव (पर्यटन) को पत्र भेजा है। इसमें गोमती पर चल रहे कार्यों की जानकारी भी दी गई है।
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झील में हो सकता है नौका विहार
गोमती की मुख्य झील के ऊपर और नीचे के दोनों ओर तालाब हैं जिन्हें ह्यूम पाइप एवं रोड बनाकर अलग-अलग कर दिया गया है। यदि तालाबों के बीच बने ह्यूम पाइप के पुलों को हटाकर बिना पिलर के बड़े पुल बना दिए जाएं तो यह झील नौका विहार का बेहतर विकल्प बन सकती है।
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पार्क और कैंटीन की जरूरत
गोमती स्थल पहुंचने वाले पर्यटकों के बैठने एवं घूमने के लिए नदी तट के पास ही बाग में पार्क बनाकर झूले लगाए जा सकते हैं। साथ ही कैंटीन, टाइगर रिजर्व के वाहनों की बुकिंग सेंटर आदि भी बनाने की जरूरत है।
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तालाबों के किनारे लगें रंगीन पत्थर
गोमती की मुख्य झील में प्राचीन समय की सीढ़ियां बनी हैं जबकि बाकी की तालाब कच्चे हैं। इन तालाबों के दोनों किनारों पर पत्थर लगाकर बांध दिया जाए। साथ ही इसके दोनों ओर घूमने के लिए फुटपाथ और कुछ बेंचे लगाई की जा सकती हैं।


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