अमरिया और न्यूरिया क्षेत्र में बाघ की दहशत कम नहीं हो रही है। शनिवार को भी दोनों क्षेत्रों में बाघ के पगचिह्न मिले हैं। खेतों में बाघ की चहलकदमी से किसानों को खेती करने में मुश्किल हो रही है।
अमरिया क्षेत्र के गांव ड्यूनीडाम निवासी बलजीत सिंह के फार्म हाउस पर जाने वाले मार्ग व खेतों में बाघ के पगचिह्न पाए गए। शनिवार को सूचना पर मिलने पर निगरानी टीम के वनदरोगा देवेंद्र पाल सिंह व चेतन कुमार ने खेतों का निरीक्षण किया और बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए। उधर भरा पचपेड़ा व भगतनियां फार्म क्षेत्र में भी बाघों की लोकेशन मिली है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र में पिछले कई दिनों से खेतों में डेरा जमाए बाघ की लोकेशन शनिवार को अकबरपुर गांव के निकट देखी गई। गांव निवासी हीरालाल सुबह खेत पर पहुंचे तो जुते हुए खेत में बाघ के पगचिह्न देखे। आसपास बाघ होने की आशंका को देखते हुए वह घबरा गए और घर लौटने लगे। इसी बीच उन्हें पड़ोसी राधेश्याम के खेत में बाघ दिखाई दिया। खेत से गांव पहुंचे हीरालाल ने इसकी सूचना वनविभाग को दी। इस पर वनदरोगा नवनीत यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने हीरालाल और राधेश्याम दोनों के खेतों का निरीक्षण किया और बाघ के पगचिह्न भी ट्रेस किए। वनदरोगा ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर बाघ से सतर्क रहने और खेतों पर अकेले न जाने की अपील किसानों से की। यहां बता दें कि एक दिन पूर्व बाघ की चहलकदमी पड़ोस के गांव टाह में देखी गई थी।