लाउड स्पीकर हटाने को लेकर अफसर असमंजस में
प्रक्रिया को समझने के लिए साध रहे उच्चाधिकारियों से संपर्क
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। धार्मिक स्थलों पर बिना अनुमति लगाए गए लाउड स्पीकर हटवाने को लेकर हाईकोर्ट की ओर से की गई सख्ती के बाद पुलिस सत्यापन कार्य करने में जुटी है, लेकिन अनुमति को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसर खुद असमंजस में हैं। इसको लेकर किस तरह से कार्रवाई करनी है, इसकी कोई विस्तृत जानकारी उनको नहीं है। इसके समाधान के लिए डीएम-एसपी से संपर्क कर अधिकारी समाधान निकालने में जुटे हैं।
ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थलों पर लगे लाउड स्पीकर को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसके चलते बिना अनुमति लगाए गए लाउड स्पीकर 15 जनवरी के बाद हटवाए जाएंगे और उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी होगी। लाउड स्पीकर प्रयोग प्रशासन की अनुमति लेने के बाद ही किया जा सकेगा। दो दिन पहले पुलिस की ओर से सत्यापन कार्रवाई की शुरूआत होने के बाद धर्म स्थलों से जुड़े लोग अनुमति लेने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचना शुरू हो गए हैं। खास बात यह है कि 15 जनवरी में पांच दिन बकाया है, लेकिन अभी तक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इसको लेकर खुद संशय में हैं। किन बिंदुओं के तहत अनुमति दी जानी है। इसकी क्या प्रक्रिया रहेगी, इसका अभी अधिकारियों को खुद पता नहीं है। सिर्फ सत्यापन कराकर इन उलझनों को दूर करने के लिए एक-दूसरे से संपर्क साधा जा रहा है। इधर एसपी कलानिधि नैथानी ने डीएम से बात की है। जिसके बाद से अब अधीनस्थ अधिकारियों को बैठक के माध्यम से आवश्यक बिंदुओं से अवगत कराया जाएगा।