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दीवार निर्माण से गुस्साए किसानों का बरखेड़ा चीनी मिल में हंगामा, तोड़फोड़

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चीनी ‌म‌िल में ताेड़फाेड़ - फोटो : अमर उजाला
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पहले तोड़ी दीवार, उपकरण क्षतिग्रस्त कर कर्मचारियों से की हाथापाई
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एसडीएम, सीओ बीसलुपर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, फोर्स तैनात
बरखेड़ा / पीलीभीत। चीनी मिल के यार्ड में दीवार निर्माण कराए जाने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया। एकजुट होकर किसानों ने पहले बनवाई गई दीवार को तोड़ दिया। इसके बाद यार्ड केबिन में लगे शीशे व उपकरण क्षतिग्रस्त कर दिए। कुछ कर्मचारियों से भी मारपीट की गई। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम, सीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया। दुबारा किसान उग्र न हो जाएं, इसके लिए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
बता दें कि इस पेराई सत्र में बरखेड़ा चीनी मिल के यार्ड में गन्ना वाहनों को कतारबद्ध करने के लिए दीवार का निर्माण करा दिया गया था। इससे दस कतारों में लगने के बाद वाहनों को आगे एक लाइन में पहुंचाया जाता था। इसमें काफी देर तक कतार में किसानों को लगना पड़ता था। इसी वजह से किसान इसका विरोध कर रहे थे, लेकिन कोई समाधान न होने पर शनिवार सुबह किसान आक्रोशित हो गए। एकजुट होकर चीनी मिल परिसर में हंगामा कर दिया। बनवाई गई दीवारों को तोड़ दिया। यार्ड परिसर में बने केबिन में भी घुस आए और शीशे, उपकरण क्षतिग्रस्त कर दिए। शोर सुनकर मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने शांत कराने की कोशिश की तो भीड़ ने उनसे भी हाथापाई की। इसमें उप गन्ना प्रबंधक सुग्रीव मिश्र, डिप्टी मैनेजर केन राकेश बंसल चोटिल हो गए। उनको मिल अस्पताल में इलाज कराया गया। इस दौरान किसानों की ओर से पथराव भी किया गया। जिससे भगदड़ मच गई। किसी तरह खुद को बचाकर निकले कर्मचारियों ने सूचना मिल अफसरों और पुलिस को दी। चीनी मिल में हंगामे का पता लगते ही एसडीएम बीसलपुर जेपी चौहान, सीओ बीसलपुर प्रवीण मलिक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। गुस्साए किसानों से बातचीत कर मामला शांत कराया गया। इसके बाद काफी देर तक दोनों पक्षों से उनकी समस्या को सुना और शांति बनाए रखने की अपील की गई। किसान दोबारा न हमलावर हो जाएं, इसके लिए मिल परिसर में बीसलपुर, बरखेड़ा, बिलसंडा समेत कई थानों का फोर्स तैनात रखा गया है।
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आधा घंटे बंद रही तौल
किसानों के हंगामे के बाद पथराव शुरू होते ही मिल कर्मचारी मौके से भागना शुरू हो गए। अफसर भी पुलिस-प्रशासनिक अमले को सूचित कर निकल गए। इसके चलते आधा घंटे तक मिल में गन्ना की तौल बंद रही। हालांकि एसडीएम के पहुंचने के बाद तौल शुरू करा दी गई।

किसान बोले, बेपटरी व्यवस्था ने बिगाड़े हालात
चीनी मिल की ओर से कोई बंदोबस्त नहीं किया जा सका है। शुक्रवार शाम छह बजे गन्ना लेकर आए थे, लेकिन अब तक तौल नहीं की जा सकी है। बाद में आने वालों को पहले गुजार दिया गया। बड़ा वाहन लेकर आने वाले जबरन भीतर घुस रहे हैं।
अवधेश त्रिवेदी, ग्राम कोकिला

मिल प्रबंधन की ओर से यार्ड में बनवाई गई दीवार से किसानों को काफी दिक्कत हो गई थी। इससे पहले आने वाले पीछे रह जा रहे थे। मिल की ओर से अधिक पर्ची दे दी गई हैं, इससे समस्या भीषण हुई है। एडवांस पर्ची को बंद कराना चाहिए।
बाबूराम, ग्राम पतरसिया

मिल के यार्ड की क्षमता 750 वाहनों की है। अधिक पर्ची जारी कर देने से वाहनों की संख्या अधिक हो गई, जिससे जाम के हालात बन गए। उधर दीवार निर्माण को लेकर किसानों में गुस्सा था, इसी के चलते घटना हुई है। बातचीत कर मामला शांत करा दिया गया है। एहतियातन पुलिस-पीएसी तैनात है। हर लाइन से एक-एक वाहन कर आगे भेजा जा रहा है।
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जेपी चौहान, एसडीएम

किसानों की बैलगाड़ी को रोक कर उसमें लाया गया गन्ना चेक करके पास किए जाने के लिए दीवार खड़ी कर यार्ड बनाया गया था। कुछ किसानों ने जबरन पहले तौल कराने को लेकर विवाद खड़ा कर दिया बाद में उन किसानों ने हंगामा करते हुए दीवार तोड़ दी और अपना गन्ना लेकर डायरेक्ट अंदर चले गए। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई है। जैसा निर्देश मिलेगा उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
ललित तोमर, केन हेड
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