पीलीभीत। पूरनपुर और अमरिया ब्लॉक प्रमुख सुमन देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद अब बिलसंडा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य सविता चौहान की अगुवाई पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने डीएम को 64 सदस्यों के शपथपत्रों के साथ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी शपथपत्रों की वीडियोग्राफी कराकर जांच की।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही ब्लॉक प्रमुखों को हटाने से सिलसिला चल निकला है। पिछले माह पहले पूरनपुर और बाद में अमरिया ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो चुका है। इस बीच मरौरी ब्लॉक प्रमुख पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के भाई अरुण वर्मा के खिलाफ भी तैयारियां शुरू कर दी गईं, लेकिन इससे पूर्व ही बिलसंडा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश हो गया। सोमवार को बड़ी संख्या में बीडीसी सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम के निर्देश पर पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के सविता चौहान, प्रतिमा चौहान, संतोष कुमार, संतोष कश्यप एवं कन्या देवी ने 64 बीडीसी सदस्यों संग शपथपत्रों के साथ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया।
डीएम शीतल वर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट को इसकी जांच के निर्देश दिए। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्रा ने अपने कक्ष में वीडियोग्राफी कराकर एक एक शपथपत्र की गिनती एवं जांच की। इस दौरान विभा अवस्थी, शकुंतला देवी, मुरारीलाल, रामाधार, रामनरेश, जीतू सिंह, लालता प्रसाद, राजेंद्र, राजेश कुमार, हर्मेंद्र सिंह, सुशील कुमार, छोटेलाल, धर्मपाल, रामगोपाल, दीपेंद्र चौहान, अरविंद कुमार अवस्थी सहित कई लोग उपस्थित थे।
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95 में 64 सदस्यों के शपथपत्र
बिलसंडा ब्लॉक में कुल 95 बीडीसी सदस्य हैं। इसमें सोमवार को 64 सदस्यों के शपथपत्र दाखिल किए गए हैं। यदि शपथपत्र लगाने वाले सभी सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया तो ब्लॉक प्रमुख का हटना लगभग तय माना जा रहा है।
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साथ में नहीं थे भाजपा नेता
अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की पूरी भूमिका बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार के निर्देशन में ही तैयार की गई थी, लेकिन सोमवार को जब अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया तो न तो उनके साथ विधायक नजर आए और न ही जिलाध्यक्ष। इस संबंध में अविश्वास प्रस्ताव की अगुवाई कर रही सविता सिंह ने बताया कि शनिवार को भी वह अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए सदस्यों के साथ कलक्ट्रेट पहुंची थीं। उस दिन उपरोक्त दोनों नेता भी साथ थे। उस दिन थोड़ी देर हो गई थी। डीएम ने सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश करने को कह दिया था। सोमवार को दोनों नेताओं के कार्यक्रम लगे थे, लिहाजा वह लोग मौजूद नहीं रह सके।
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