फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांव के निकट पहुंचा बाघ, दहशत

विज्ञापन
विज्ञापन
विशनपुर और ईटौरिया गांव के निकट पहुंचे बाघ, दहशत
विज्ञापन

गजरौला/ पीलीभीत। माला रेंज से दूर गजरौला और अमरिया क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने बाघों की चहलकदमी जारी है। बुधवार रात जंगल से बाहर निकला बाघ क्षेत्र के ईटौरिया गांव की सीमा में पहुंच गया। गुरुवार सुबह गांव के बाहरी हिस्से में भट्टे के निकट तैयार हो रही ईंटों के करीब पहुंचे गांव निवासी सुखलाल व पंचमलाल की नजर वहां बने बाघ के पगचिह्नों पर नजर पड़ी तो दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी।
माला रेंज के जंगल से बाहर चार माह पूर्व से बाघों की मौजूदगी देखी जा रही है। यहां गजरौला क्षेत्र के अंतर्गत आधा दर्जन गांव की सीमा में बाघ की चहलकदमी जारी है। बाघ लगातार मवेशियों को निवाला बना रहा है। पूर्व में दो ग्रामीण भी बाघ के हमले के चलते घायल हुए थे। वहीं जंगल से बाहर बाघों की बढ़ती सक्रियता को लेकर वन विभाग गंभीर नहीं हो रहा है। निगरानी के नाम पर मात्र पगचिह्नों को ट्रेस करने की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन

अमरिया क्षेत्र में मजदूरों ने देखे बाघ के पगचिह्न
अमरिया/ पीलीभीत। जंगल से दूर अमरिया तहसील क्षेत्र में प्रवास किए बाघों की खेतों की ओर मौजूदगी देखी जा रही है। गुुरुवार को विशनपुर गांव की सीमा में नाले की खुदाई करने जा रहे मजदूर संजू, भूपराम, बरकात अहमद ने रास्ते में बलराज सिंह के खेत में बाघ के पगचिह्न देखे। दहशत की वजह से मजदूर काम पर जाने के बाद गांव को बैरंग लौट गए। चार दिन पूर्व से विशनपुर गांव की सीमा में बाघ की मौजूदगी देखी जा रही है। मजदूरों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए।
विज्ञापन

टाइगर रिजर्व से बाहर अमरिया तहसील क्षेत्र में काफी दिनों से बाघ के कुनबे की मौजूदगी बनी हुई है। ठंड की दस्तक के साथ बाघों में सक्रियता की बढ़ने लगी है। वहीं इसकी रोकथाम को लेकर वन विभाग की ओर से किए दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। टीम के सदस्य चेतन कुमार ने बताया कि बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए गए है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें