हजारा। हजारा क्षेत्र के जंगल में वन विभाग की टीम ने अभियान चलाकर वहां बनीं आधा दर्जन अवैध गौढ़ियों (जंगल में छप्पर डालकर बनाई गई पशुशाला) में आग लगा दी। गौढ़ियां पशुओं को रखने के लिए बनाई गई थीं। थाना हजारा पहुंचे गौढ़ी मालिकों का कहना है कि वन विभाग ने बगैर किसी सूचना के गौढ़ियों में आग लगा दी, इससे उनके कई पशु झुलस गए और हजारों रुपये का नुकसान हो गया। थाना हजारा एसओ ने लोगों को पूरे मामले से अधिकारियों को अवगत कराने और निर्देश मिलने पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
गांव नहरोसा, कबीरगंज के कई लोग सालों से जंगल में गौढ़ियां बनाकर दूध का कारोबार करते हैं। जंगल सटे राहुलनगर, धनाराघाट, टाटरगंज इलाके में छह गौढ़ियां चल रही थीं। हालांकि इससे पहले भी कई बार गौढ़ी संचालकों को खदेड़ा गया, लेकिन साठगांठ से दोबारा उन्होंने जंगल में अड्डा जमा लिया। सोमवार को पलिया के एसडीओ फारेस्ट के नेतृत्व मेें वन विभाग की टीम ने अभियान चलाकर जंगल में बनाई गईं छह गौढ़ियों में आग लगा दी। इससे गौढ़ी मालिकों का हजारों रुपये का सामान जल गया। कई पशु आग की चपेट में आने से झुलस गए। आगजनी की घटना से गौढ़ी मालिकों में हड़कंप मच गया। गौढ़ी मालिक गांव नहरोसा निवासी अमजद, शमशाद, फरियाद, नौशाद, मोवीन, आमीन, सत्तार, जमील अहमद, रज्जाक, उस्मान, हनीफ, आजाद, हशमुद्दीन, अनवर, यूसुफ, गुलफाम, शरीफ, अब्दुल, हासिम, मनोहर, बाबू, गांव कबीरगंज निवासी राधेश्याम ने बताया कि उन लोगों की गौढ़ियों में आग लगाकर हजारों का नुकसान कर दिया गया। कार्यवाहक एसओ हजारा सुरेश पाल ने बताया कि पूरे मामले से उच्च अफसरों को अवगत करवा दिया गया है। अफसरों के निर्देश पर कार्रवाई होगी।
जंगल में अवैध रूप से गौढ़ियां चलाई जा रही थी। कई बार गौढ़ी संचालकों को चेतावनी दी गई। इसके बाद भी गौढ़िया नहीं हटाई गई। गौढ़ी संचालक जंगल में पशु पालने की आड़ में अवैध कटान और पशुओं का भी शिकार करते थे। चेतावनी के बाद भी गौढ़िया न हटाने पर सोमवार को एसडीओ पलिया और एसटीएफ ने अभियान चलाकर गौढ़ियों को हटाया है। अब जंगल में अवैध गौढ़ियों को नहीं चलने दिया जाएगा। - डीएफओ डॉ. अनिल पटेल, लखीमपुर खीरी