10पीबीटीपी 27
कहीं जिम्मेदार ही तो नहीं कर रहे जंगल की सुरक्षा से खिलवाड़
जंगल में लगातार हो रही हमले की घटनाओं से उठ रहे सवाल
फखरुल इस्लाम
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के अधिकारी तो जंगल की सुरक्षा को चाक चौबंद रखने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं पर अधीनस्थों की लचर प्रक्रिया के चलते टाइगर रिजर्व में अवैध गतिविधियां नहीं रुक रही हैं। यही वजह है कि कभी लकड़कट्टों से तो कही पशुओं तस्करों से मुठभेड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं। खास बात यह है कि पिछले दिनों टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघ की गणना को लगे कैमरे में पशु तस्करों की तस्वीर कैद होने के बावजूद जंगल की सुरक्षा का जिम्मा संभाले मातहतों ने उन्हें खोजने को ठोस कदम नहीं उठाया। ऐसे में टाइगर रिजर्व में हो रही मुठभेड़ की घटनाएं वन्यजीवों के लिए किसी भी समय खतरे की घंटी बन सकती हैं।
टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद अधिकारियों ने जंगल की सुरक्षा को दुरुस्त करने को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए, लेकिन जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले अधीनस्थ वनकर्मियों ने इस पर अमल करने के बजाय उनके आदेशों को नजरअंदाज कर दिया। यही वजह रही कि पशु तस्कर नेपाल से लाए जा रहे मवेशियों को टाइगर रिजर्व के रास्ते निकालकर माधोटांडा व पूरनपुर क्षेत्र में ले जाते हैं। तस्कर कहीं चोरी से तो कही वनकर्मियों की साठगांठ से धंधे को अंजाम दे रहे हैं। पिछले दिनों बराही रेंज के जंगल में बाघ की गणना को लगे कैमरे में पशु समेत तस्कर की तस्वीर कैद हुई थी। अधिकारियों ने उन्हें खोजने के निर्देश भी अधीनस्थों को दिए लेकिन बराही रेंज के स्टाफ ने मामले की तहरीर माधोटांडा थाने में देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
000
सख्ती हुई तो पकड़े गए पशु तस्कर
कैमरे में पशु तस्कर की तस्वीर कैद होने का मामला जब अधिकारियों के संज्ञान में आया तो वह संजीदा हुए । डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार के निर्देश पर वनकर्मियों ने दिन रात पेट्रोलिंग गश्त बढ़ा दी। खास बात यह रही कि जंगल की सुरक्षा बढ़ाते ही बराही रेंज के लैहारी पुल के निकट गश्त कर रहे वनकर्मियों की पशु तस्करों से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान तीन मवेशियों समेत एक तस्कर को वनकर्मियों ने दबोच लिया। जबकि उसके दो अन्य साथी फरार होने में सफल रहे थे।
000
लकड़कट्टों के हमले से फिर उजागर हुई लापरवाही
पिछलें दिनों हरीपुर रेंज के जंगल क्षेत्र में लकड़कट्टों से वनकर्मियों की मुठभेड़ की घटना सामने आने के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वनकर्मियों की साठगांठ के चलते जंगल से अवैध व्यापार का धंधा आज भी चोरी छिपे जारी है। वहीं जंगल में बाघ के वास स्थल वाले इलाके में मछली के शिकार को भी अंजाम दिया जा रहा है।
000
घाटों से भी जारी है तस्करी
टाइगर रिजर्व प्रशासन रमनगरा व कंजरिया घाट पर आवागमन के लिहाज से नाव संचालन को नीलामी करता है। खास बात यह है कि इन घाटों की आड़ में वन महकमे के जिम्मेदारों की साठगांठ के चलते लकड़ी व खाद समेत नेपाल से लाए जाने वाले इलेक्ट्रानिक उपकरण की तस्करी की जाती है।
000
वर्जन
हरीपुर रेंज की घटना के बाद टाइगर रिजर्व की सभी रेंजों के स्टाफ को सतर्क किया गया है। जंगल में अवैध घुसपैठियों को पकड़ने के लिए रेंजर के साथ वनकर्मियों को रात्रि गश्त बढ़ाने की हिदायत दी गई है। इससे दोबारा ऐसी घटना ना हो सके। - आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व