अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघ अब बेखौफ होकर घूमते नजर आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को सुबह काम पर जाते समय फरदिया के राजमिस्त्री ने कटैइया गांव के निकट चैनी धान के खेत में बाघ को पानी पीते देखा। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम को खेत में बाघ के पगचिह्न मिले हैं।
अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघों का परिवार संख्या बढ़ने के साथ ही क्षेत्र में फैलते जा रहे हैं। वर्ष 2012 में बाघ का जोड़ा देखा गया था जिनकी संख्या बढ़कर आठ तक पहुंच गई हैं। आए दिन बाघ क्षेत्र में घूमते लोगों को मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को सुबह करीब 8.30 बजे फरदिया निवासी राजमिस्त्री अली अकबर अपने साथियों के साथ मजदूरी करने हरदासपुर जा रहे थे। भूड़ा में नदी पार करने के बाद वह लोग आगे बढ़े जहां कटैइया गांव के निकट चैनी धान के खेतों में उन्होंने बाघ को पानी पीते देखा। बाघ को देख राजमिस्त्री एवं उनके साथी घबरा गए और वापस भाग खड़े हुए। कुछ दूर जाने के बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और वनविभाग को दी। बाघ दिखने की सूचना पर वनदरोगा देवऋषि अपनी टीम के सोमपाल एवं चेतन के साथ मौके पर पहुंचे। वनविभाग की टीम को बाघ तो नहीं मिला लेकिन खेत एवं इसके आसपास बाघ के ताजे पगचिह्न मिले।