अमर उजाला की खबर का असर
बाटम.............
खबर छपी तो शारदा सागर डैम में भरने लगे पानी
मरम्मत के नाम पर समय से पहले ही सुखा दिया था डैम
अब बिना मरम्मत के ही आनन फानन में पानी भरने का सुनाया फरमान
प्रदेश के दस से अधिक जनपदों को डैम से मिलता है सिंचाई के लिए पानी
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अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत/ माधोटांडा। सिंचाई विभाग के अफसरों ने जिस शारदा सागर डैम को मरम्मत के नाम पर समय से पहले ही सुखा दिया था, अब बिना मरम्मत कार्य कराए ही उसे बृहस्पतिवार सुबह पानी से भरवाना शुरू कर दिया है। डैम को पहले आनन फानन में खाली कराना और बाद में बिना मरम्मत के ही पानी का भंडारण शुरू करने को लेकर अफसर भी कुछ कहने से कतरा रहे हैं।
प्रदेश में सूखा पड़ने या फिर पहाड़ों से नहरों को पानी कम मिलने की स्थिति में दस से अधिक जनपदों को शारदा सागर डैम में भंडार किए गए पानी से ही सिंचाई की भरपाई की जाती है। इस बार सिंचाई महकमे के अभियंताओं ने चंद दिन पहले शारदा डैम को समय से पहले ही खाली करा दिया। बताया गया कि शारदा डैम से निकलने वाली हरदोई ब्रांच नहर के हेड के फाटकों की मरम्मत कराने के लिए डैम को खाली कराया गया। खास बात यह है कि शारदा डैम में सिल्ट के चलते उसका डेड लेवल एक तो पहले से बढ़ा हुआ था, ऊपर से उसको समय से पहले खाली कर देने से स्थिति और खराब हो गई। डैम को खाली करने के बाद कोई मरम्मत कार्य भी नहीं शुरू कराया गया।
इधर सिंचाई की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण शारदा सागर डैम की खबर को अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित कर आने वाले खतरे से आगाह किया। खबर के छपते ही सिंचाई महकमा एकाएक हरकत में आया और बिना मरम्मत के ही बृहस्पतिवार सुबह से खाली पड़े डैम को पानी से भरवाना शुरू करा दिया। विभागीय कर्मचारियों के मुताबिक ऊपर से अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद ही डैम को पुन: भरा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जर्जर शारदा डैम में जो पानी का भंडार शेष बचा है, उससे नहरों को पानी नहीं दिया जा सकता है और यदि प्रदेश में कोई आपात स्थिति पैदा होती है तो इतनी जल्दी प्रदेश के अन्य जनपदों को पानी मुहैया करा पाना आसान नहीं होगा। इस बात का इल्म होते ही अफसरों ने गफलत में खाली किए गए डैम को बिना मरम्मत के ही पुन: भरने का फरमान सुनाया है। इधर सिंचाई विभाग बाइफरकेशन में तैनात टंडेल (कर्मचारियों का हेड) विजयपाल कहते हैं कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही शारदा डैम को भरने वाली नहर में पानी छोड़ा गया है, ताकि डैम भरा जा सके। फिलहाल बिना बजट मिले मरम्मत के नाम पर पहले डैम को खाली कराना और चंद दिन बाद आनन फानन में पानी भरवाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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वर्जन:
पानी की डिमांड ना होने की वजह से शारदा डैम को खाली कराया गया था। डैम से निकलने वाली नहर के फाटकों का भी मरम्मत कराया जाना जरूरी है। इसके लिए अधिकारियों से दिशा निर्देश लिए जा रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही डैम में पानी का भंडारण शुरू किया गया है।
राजेश चौधरी, अभियंता, सिंचाई विभाग
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