पंचायत चुनाव के चौथे चरण में नामांकन वापसी में 567 प्रधान पद के प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया। नगरिया खुर्द कलां में चुनाव नहीं होगा। वजह जांच और नाम वापसी के बाद चंपा रानी का निर्विरोध होना तय हो गया है। इधर देर शाम तक चुनाव चिंह आवंटन व नामांकन वापस लेने वाले ग्राम पंचायत सदस्यों की सूची तैयार की जा रही थी।
आरओ पीके भटनागर ने बताया कि जांच में सोमवार को पांच प्रधान पद और 43 ग्राम पंचायत सदस्यों के नामांकन आयु कम होने, निर्धारित नामांकन शुल्क जमा न होने आदि कमियों पर खारिज कर दिए गए थे। मंगलवार को नामांकन वापसी में प्रधान पद के 567 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए। उन्होंने बताया कि शेष बचे प्रधान पद व ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्यशियों की सूची तैयार कराई जा रही है। आरओ ने बताया कि नगरिया खुर्द कलां में प्रधानी का चुनाव नहीं होगा। वह ग्राम पंचायत नगरिया खुर्द कलां से एकमात्र परितोष की पत्नी चंपारानी का नामांकन दाखिल हुआ था। जो जांच मेें सही पाया गया। वापसी के बाद उनका निर्विरोध प्रधान चुना जाना तय हो गया है।
एक ही चुनाव चिन्ह थमा दिया दो प्रत्याशियों को
पूरनपुर। चुनाव चिन्ह आवंटन के दौरान अव्यवस्थाएं हावी रही। कई काउंटरों पर निर्धारित समय पर चुनाव चिन्हों का आवंटन शुरू नहीं हो सका। कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। इसकी सूची भी देररात तक तैयार नहीं हो सकी। टेबिल नंबर दस के एआरओ को सूचियां देने आदि को लेकर कई बार एनाउंस करना पड़ा। टेबिल नंबर दस से ही बिहारीपुर जमीमा इटौरयिा के प्रधान पद के प्रत्याशी राजबहादुर और राजकुमार को एक ही चुनाव चिंह थमा दिया गया। दोनों प्रत्याशियों ने आरओ से मिलकर इसकी शिकायत की। तब आरओ ने स्वयं काउंटर पर पहुंचकर दोनों प्रत्याशियों को सही चुनाव चिन्ह आवंटित कराया।