माता भगवती देवी गौशाला प्रसादपुर में हुए सामूहिक शादी समारोह मेें 53 जोड़े एक-दूजे के हुए। एसडीएम, सीओ समेत तमाम लोगों ने समारोह स्थल पर पहुंचकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। उपहार देकर जोड़ों को विदाई दी गई।
गायत्री परिवार की ओर से वसंत पंचमी पर शुक्रवार को हुए सामूहिक विवाह समारोह में 53 जोड़े एक-दूजे के हुए। समारोह में गायत्री परिवार के लालता प्रसाद शास्त्री और उनकी टोली ने मंत्रोच्चारण कर संस्कार कराए। समारोह में 27 हवन कुंड बनाए गए थे। प्रत्येक हवन कुंड के समीप दो-दो जोड़े बैठाए गए। संस्कार में वर वधू के सहयोग के लिए प्रत्येक यज्ञ कुंड के समीप गायत्री परिवार के सदस्य थे। हवन कुंड में आहुति देकर और अग्नि की परिक्रमा कर जोड़ों ने एक-दूजे का साथ देने का वचन लिया। एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, सीओ राजेश्वर सिंह, गायत्री परिवार के अनंतराम पालिया, गोमती गुरुद्वारा के सेवादार जसवंत सिंह, सत्यप्रकाश शुक्ला, रामप्रकाश शुक्ला, चिरंजीव, संदीप खंडेलवाल, राजेश गुप्ता, रामनरेश शुक्ला, अवधेश जायसवाल, सतीश जायसवाल, पूर्व विधायक गोपाल कृष्ण सक्सेना, वेद तिवारी, मुरलीधर तिवारी आदि ने समारोह स्थल पहुंचकर जोड़ों को आशीर्वाद दिया। समारोह में बरातियों और घरातियों के लिए भोज की भी व्यवस्था की गई थी। इसमें तमाम लोगों ने भोज किया। जोड़ों को पलंग, बिस्तर, कपड़े, घड़ी, डिनर सेट, बर्तन, मिठाई देकर विदाई दी गई। साईं बाबा वेलफेयर एजूकेशन ट्रस्ट की ओर से जोड़ों को कंबल, संजीव गुप्ता की ओर से मिठाई दी गई।
समारोह में इनकी हुई शादी
गायत्री परिवार के संदीप खंडेलवाल ने बताया कि समारोह में अकबराबाद नौगमा संतोष के अनिल-पिपरिया संजरपुर की निशा देवी, बीसलपुर के डंडिया भगत के श्रीकृष्ण-सोंधा गझाड़ा की सुमन देवी, मूसेपुर के जितेंद्र-रुरिया की मालती, नवाबगंज की पुरैनिया अटंगा के चैतन्य स्वरूप-ललौरीखेड़ा की सीमा देवी, जेठापुर के कौशल कुमार-ललौरीखेड़ा की कोमल, गोपालपुर घुंघचाई के राजीव कुमार-न्यूरिया मथना की वर्षा कुमारी, अमरैयाकलां के विनोद सिंह-भगवंतापुर की माया देवी, मूसेपुर के सुनील-नवाबगंज के जिगनिया की राजवती, लोहरपुरा के बलवंत सिंह- सबलपुर रंपुरा की नीलम देवी, नवादा दाह के वीरेंद्र-पुवायां के वैहवाह की लक्ष्मी देवी, तकिया दीनारपुर के राकेश सिंह-मकरंदपुर की अनीता, सबलपुर रंपुरा के सोहन सिंह-नौगवा लोहरपुरा की सोमवती, बाराबंकी के जयूहरी निवासी अमित कुमार-बानगंज की पूजा, सुकटिया के सतीश कुमार-जिरौनिया की भगवानदेई, बंडा के उदयपुर खकरा निवासी बांकेलाल-बिलसंडा के बढ़ईपुरा की शारदा, बीसलपुुर के लक्ष्मननगर के छोटेलाल-हटुआ बिजलाई की सावित्री देवी, पलिया के बुझवा मरुआ के शिवम कुमार-खुटार के हरनाई की सीमा देवी, खीरी के टांडा फार्म निवासी बलराम सिंह-यहीं की आरती देवी, खीरी के राजापुर के अजय-जगतियापुर लक्ष्मी, सिसैइया के नरायन सिंह-कंजाखेड़ा की पूजा देवी, मुड़िया रामकिशन के छत्रपाल-डडिया भिसौड़ी की प्रियंका, जमुनिया के सत्यपाल-माधोटांडा की किरन, ढकिया केसरपुर के महेेंद्र पाल-इसी गांव की फूला देवी, मकरंदपुर के दिनेश कुमार-परैवा अनूप की सोनी देवी, मितरपुर रामनगर के विनोद कुमार-परसादपुर की ललिता, रायटांडा के विनोद कुमार-हमीरपुर की ज्योति शर्मा, पकड़िया दियोरिया के रामसरन-खमरिया पट्टी की पूनम देवी, सुहास पंडरी के अजयपाल-अभयपुर शाहगढ़ की राखी, जमुनिया खासपुर के सुरेंद्र पाल-दिलावरपुर की निर्मला देवी, शाड़ा पड़ना के अरविंद कुमार-बंडा के लुहिचा की सावित्री देवी, माधोटांडा के अमित कश्यप-सुल्तानपुर की सोनी देवी, रहमानगंज के भागीरथ-मकतुल हटुआ की कुसुमलता, तिलहर के खुदागंज के सुभाष चंद्र-बिलसंडा के इलाबास सिमरा की लली, चंदोई के धर्मेंद्र कुमार-नौगमिया अकोड़ा की लक्ष्मी देवी, मूसेपुर कलां के रामपाल-देवीपुरा की हरकुमारी, भूडा सरंदा के कीरत प्रसाद-पंडरा की सविता, लाइनपार गौटिया के रामपाल-पंडरा की कामिनी, निगोही बिल्हा के सुरजीत कुमार-सुआबोझ की रीना देवी, मोहल्ला कायस्थान के अरविंद-बरेली के शेखापुर की शकुंतला, कायस्थान के धर्मेंद्र कुमार-बरेली तिकुनियां की भूरी देवी, बंडा के कंदरपुर नबीची के राजेश कुमार-सिरसा की सुखरानी, कलीनगर के मुनीश कुमार-पुवायां रायटांडा की फूलमती, सिमरिया ता. घुंघचाई के शैलेंद्र-पिपरा मुंजप्ता की रीना, सुल्तानपुर के गुड्डू उर्फ विनयपाल-जोगराजपुर की सीमा, खीरी के लगदाहम मंहगापुर के रामसागर- जमुनिया खास की रेशमा देवी, मल्लपुर खजुरिया के हरकेश कुमार-मुझाखुर्द की गीता, खमरिया पट्टी के चमनलाल-लदपुरिया शिवनगर की सोनी देवी, बांसखेड़ा के जसवीर कश्यप- टेडा श्रीराम की सुमन, पिपरा खास के धर्मेंद्र कुमार-लखनऊ कलां अमरखेड़ा की पुष्पा देवी, नवदिया धनेष के अश्वनी कुमार-बरेली के बहेटा जुनू की रीना देवी, बिठौरा कला के ओमप्रकाश- खमरिया पट्टी की उर्मिला, सिंधौली के बडा वन निवासी शंकर सिंह-खीरी के मुर्गहा बल्लीपुर की अनु देवी, खासपुर जमुनिया के प्रेमराज-मुडैला खुर्द की गोदावरी एक-दूजे के हुए।