शारदा नदी का जलस्तर घटने से कटान तेज हो गया है। भरतपुर में शारदा नदी के किनारे करीब 16 किसानों की 53 एकड़ कृषि भूमि शारदा में समा गई। इसकी सूचना पर राजस्व विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर कटान का निरीक्षण कर क्षति का आंकलन किया।
पिछले दिनों हुई बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे जलभराव की समस्या हो गई थी। अब जलस्तर घटने पर कटान ने जोर पकड़ा है। शुक्रवार और शनिवार को नदी ने भरतपुर क्षेत्र में कटान किया। इसमें चिल्लर, गुलाब, शौकतअली, पूरनमासी, झब्बूलाल, रज्जू, देवनरायन, रामसफल, केशव गुप्ता, कालिका मिस्त्री, बिजली, शब्बीर अहमद, प्यारेलाल, प्रेमचंद्र, हरीलाल, अकाली की 53 एकड़ से अधिक भूमि नदी में समा गई। किसानों को पट्टे में मिली सभी जमीन नदी में समाने से उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट छा गया है। कटान की सूचना पर राजस्व कानूनगो सुमेरलाल व लेखपाल रामचंद्र गांव पहुंचे। उन्होंने नदी का कटान देखने के बाद ग्रामीणों से बातचीत की और कटान प्रभावित किसानों के नाम पते दर्ज कर क्षति का आंकलन किया। राजस्व टीम ने बताया कि क्षति के आंकलन की रिपोर्ट वह तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। आगे की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से की जाएगी।
विधायक ने किया ट्रांस क्षेत्र का दौरा, पीड़ितों से मिले
क्षेत्रीय विधायक पीतमराम ने ट्रांस शारदा क्षेत्र का दौरा का शारदा का कटान देखा और कटान पीड़ितों से मिलकर शीघ्र मुआवजे का भरोसा दिलाया। पूरनपुर विधायक सुबह सपा कार्यकर्ताओं के साथ शारदा पार पहुंचे। यहां उन्होंने रामनगर, अयोध्यानगर, नहरोसा, राणाप्रताप नगर आदि का दौरा किया और शारदा नदी से प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से भी नुकसान की जानकारी ली और उन्हें शीघ्र मुुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया। उनके साथ प्रधान समीद्दीन सम्मू, फरीद अहमद सहित कई लोग थे।