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जानलेवा बन रही हैं जर्जर बिजली लाइनें

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पीलीभीत। बिजली के जर्जर तारों की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। आए दिन तार टूटकर गिर रहे हैं। इससे न सिर्फ बिजली सप्लाई हो रही है। बल्कि राहगीरों की जान को खतरा बना हुआ है। समस्या लगातार विकराल होती जा रही है, लेकिन इसका कोई हल नहीं तलाशा जा सका है। ऐसे में गर्मी में हालात और भी ज्यादा खराब होंगे। पावर कॉरपोरेशन की ओर से शहर के बिजली शेड्यूल की बात करें तो 24 घंटे सप्लाई जारी है। शेड्यूल के मुताबिक जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली देने का दावा किया जा रहा है। कागजों में चल रही ये व्यवस्था फॉल्ट के नाम पर चरमराई हुई है। दिन तो कभी रात में घंटों बिजली गुल हो जाती है। फॉल्ट की वजह जर्जर तार हैं। इसके बावजूद समस्या का निस्तारण कराने की जिम्मेदारी कोई नहीं संभाल रहा। सड़कों पर जर्जर तारों के मकड़जाल साक्षात मौत जैसे दिखाई दे रहे हैं। यह तार कब टूटकर किसी राहगीर की मौत का सबब बन जाएं कुछ नहीं पता। सभी को इसका डर बना रहता है। बीते साल पूरनपुर तहसील क्षेत्र में अचानक तार टूटकर गिरने से बाइक सवार की जान चली गई थी। शहर से सटे बरहा गांव में भी शौच को खेत पर गए एक मजदूर की पहले से खेत में पड़े बिजली के तार की चपेट में आकर मौत हो गई थी। इसके अलावा तीन माह पूर्व व्यस्ततम रंगीलाल चौराहा पर दोपहर में तार टूटकर गिरे तो भगदड़ मच गई थी। वाहन छोड़कर चालकों ने भागकर जान बचाई थी। इसके अलावा दो दिन पूर्व शनिवार रात को भी सुनगढ़ी थाने के पास हाइटेंशन लाइन का तार ओवरलोड होने के चलते टूट गया था। इससे रात भर दर्जनों इलाकों की बिजली गुल रही थी। इस तरह के कई मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। शिकायतें भी कई बार की गईं, लेकिन हर बार आश्वासन देकर टाल दिया गया। बाद में छह करोड़ की लागत से बिजली के इन झूलते तारों को बदलवाने का प्रोजेक्ट भी बना, लेकिन विभागीय स्तर पर कार्रवाई अभिलेखों में ही गुम हो गई। अब पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी खुद ही असहज हैं। शहर के लिए कोई योजना न होने की बात कहते हुए साख बचाने का काम किया जा रहा है। वहीं शासन स्तर से इसकी सूची तो कई बार मांगी गई, लेकिन धरातल पर समाधान कहीं नहीं दिख रहा है। शहर की आम गली-मोहल्लों से लेकर रेलवे स्टेशन रोड, जेपी रोड, गैस चौराहा, लकड़ी मंडी रोड, गांधी स्टेडियम रोड समेत पॉश कॉलोनियां में भी जर्जर तारों के मकड़जाल देखे जा सकते हैं। शहर की तस्वीर ऐसी है, फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तारों के हालात का आंकलन लगाया जा सकता है।
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