सुरक्षा बन गई अफसरों की चुनौती
नवंबर माह से शारदा डैम में शुरू हो जाता है प्रवासी पक्षियों के पहुंचने का सिलसिला
पीलीभीत। सर्द मौसम में जिले की ओर रुख कर शारदा डैम की शोभा बढ़ाने वाले प्रवासी पक्षियों की आमद शुरू हो गई है। डैम के पानी में झुंड के रूप में मौजूद इन पक्षियों पर शिकारियों की नजर भी पड़नी शुरू हो गई है। पूर्व वर्षों में भी प्रवासी पक्षियों के शिकार को अंजाम दिया जाता रहा है, कुछ मामले उजागर भी हुए हैं। ऐसे में इस बार भी शारदा डैम की रौनक बढ़ाने पहुंच रहे मेहमान पक्षियों की सुरक्षा जिम्मेदारों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
प्रथम पंच वर्षीय योजना के तहत मिट्टी से बना 22 किलोमीटर लंबा शारदा डैम है। लंबे समय बाद डैम में मछली शिकार का ठेका कर दिया गया। जिसके बाद से ठेकेदार के लोगों ने पूर्व की तरह स्थानीय शिकारियों को मछली के शिकार की जिम्मेदारी दी है। खास बात यह है कि पूर्व वर्षों में डैम में मछली नीलामी का ठेका न होने का फायदा उठाते हुए शिकारियों ने डैम में मछलियों के अवैध शिकार को खुलेआम अंजाम दिया है। इसकी आड़ में प्रवासी पक्षियों का शिकार भी किया जाता रहा है। बताते हैं कि जिस क्षेत्र में चारे की अधिकता होती है प्रवासी पक्षी उसी इलाके को अपना वासस्थल बना लेते हैं। इसी के चलते डैम के जीरो किमी से चार किमी तक और आगे 17 किमी से 19 किमी तक चारे की अधिकता है और प्रवासी पक्षी भी तेजी से इस इलाके में अपना डेरा बनाने लगे हैं। इधर ठंड बढ़ने के साथ ही प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। जिसके चलते पक्षियों पर स्थानीय लोगों की नजर पहुंचने लगी है।
पक्षियों की सुरक्षा बनी चुनौती
पूर्व वर्षों में डैम में मछली शिकार का नीलाम न होने से स्थानीय शिकारियों ने जिम्मेदारों से साठगांठ कर धंधे को खुलेआम अंजाम दिया। इधर, डैम में मछली का नीलामी ठेका हो गया है, जिसके बाद से ही मछली का शिकार भी डैम में शुरू हो गया है। इधर सर्द मौसम के साथ ही मेहमान पक्षियों की आमद भी होने लगी है। ऐसे में साइबेरियन पक्षियों की सुरक्षा वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है।
इन इलाकों में रहती है अधिक सक्रियता
पूर्व वर्षों में शारदा डैम की तलहटी में बसी पुरैना ताल्लुके महाराजपुर, रमनगरा और मठइया लालपुर गांव का क्षेत्र मछली के अवैध शिकार के साथ प्रवासी पक्षियों के शिकार का गढ़ बन रहा है। इसका एक मुख्य कारण यह भी है कि इस क्षेत्र में चारे की अधिकता के चलते प्रवासी पक्षी यहां बहुतायत में पहुंचते हैं।
यहां पकड़े गए शिकारी
डैम से अवैध रूप से प्रवासी पक्षियों का शिकार होता रहा है। गत वर्षों में उत्तराखंड के वन महोलिया के तीन शिकारियों के पास से एक दर्जन मारे गए प्रवासी पक्षी बरामद किए गए, जिन्हें बाद में विभागीय केस काटने के बाद जुर्माना वसूल कर छोड़ दिया गया। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी कई मामले उजागर हुए, लेकिन सभी को निपटा दिया गया।
शारदा डैम में प्रवासी पक्षियों की आमद होने लगी है। इसके साथ ही इस पर बाकायदा पैनी निगाह रखी जा रही है। शारदा सागर डैम में मत्स्य निगम की जिम्मेदारी है। यदि कहीं कोई अवैध शिकार का मामला प्रकाश में आता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीण खरे, एसडीओ, पीटीआर