गेहूं खरीद घोटाला: राइस मिलर और पार्टनर को किया ब्लैक लिस्टेड
प्रशासन ने आढ़तिया, मिल का लाइसेंस भी किया निरस्त
गेहूं खरीद में ढाई करोड़ की धोखाधड़ी का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। गेहूं खरीद में ढाई करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में कई नोटिस देने के बाद भी स्पष्टीकरण न देने पर सत सांई इंडस्ट्रीज के आढ़तियां और मिल कारखाने का लाइसेंस, मिल मालिक और उसके पार्टनरों को ब्लैक लिस्टेड करते हुए निरस्त कर दिया गया है। अब मंडी समिति से उक्त लोगों के नाम लाइसेंस जारी नहीं हो सकेगा।
कोतवाली के गांव शिंभुआ में एफसीआई का गेहूं खरीद केंद्र लगाया गया था। गेहूं खरीद के नाम पर गांव गुलड़िया भूपसिंह, रघुनाथपुर, पिपरिया मझरा, सुंदरपुर, बाजारगंज, मंडनपुर, पनौती, पुन्नापुर, लुकटिहाई, रंपुरा कोन, कुल्हागाड़ा आदि गांव के साथ किसानों का गेहूं खरीदकर कुछ किसानों को चेक और अन्य को हस्तलिखित पर्चियां दी गई थीं। चेक डिस्ऑनर होने पर किसानों ने सात जुलाई को हंगामा कर प्रदर्शन किया। डीएम के निर्देश पर एडीएम के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले की जांच की। राइस मिल और गांव पचपेड़ा प्रहलादपुर में राइस मिलर का गोदाम सील कर दिया गया। दस जुलाई को कोतवाली पुलिस ने विपणन निरीक्षक प्रभात कुमार की ओर से गेहूं खरीद केंद्र के ठेकेदार घनश्याम दीक्षित की विधवा सुनीता दीक्षित, मुनीम विपिन दीक्षित, राइस मिलर समरवीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। उधर, मंडी समिति सचिव ने किसानों को दिए गए चेक डिस्ऑनर होने, राइस मिलर की ओर से आढ़तिया और मिल कारखाना को दिए गए लाइसेंस की अवधि समाप्त होने को लेकर राइस मिलर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया।
कई बार भेजे गए नोटिसों का जवाब न मिलने पर आढ़तिया और मिल कारखाने का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। राइस मिलर समरवीर सिंह, पार्टनर सुनीता दीक्षित, सुभाष मिश्रा को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। अब उनके लाइसेंस भविष्य में मंडी समिति से जारी नहीं हो सकेंगे। सहदेव सिंह, मंडी समिति सचिव
पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। आरोपी समरवीर सिंह कोर्ट से स्टे लेकर जा चुका है। इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है।
केशव कुमार तिवारी, कोतवाल