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डीएम का फरमान, सात दिन में तोड़ दो अवैध दुकानें
क्रासर...
स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर जिपं ने अवैध तरीके से बनाई थीं 31 दुकानें
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सिटी मजिस्ट्रेट बोलीं- दुकानों के ध्वस्त कराने का मिल गया है आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। सपा सरकार में अवैध तरीके से स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर जिला पंचायत द्वारा बनाई गई 31 दुकानें अवैध घोषित होने के बाद डीएम ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। डीएम ने इन्हें सात दिन के भीतर ध्वस्त करने का फरमान जारी किया है। फरमान मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट ने भी दुकानें ध्वस्त कराने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके साथ ही जिपं के तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को भी दुकानों के निर्माण पर खर्च 54 लाख भी रिकवरी किए जाने को नोटिस भेजा जाएगा।
शहर के बीच स्थित बेशकीमती स्वास्थ्य विभाग की करोड़ों की जमीन पर तत्कालीन सपा सरकार के एक मंत्री के दबाव में जिला पंचायत ने नियमों को ताक पर रख कर कांपलेक्स बनाने का प्रस्ताव पास कर लिया। जिला प्रशासन ने किसी की एक नहीं सुनी और जिपं ने आननफानन में 54 लाख रुपये खर्च कर अवैध तरीके से 31 दुकानों का निर्माण करा दिया था। तत्कालीन जिपं सदस्य रमा गैरोला के विरोध के बाद भी जब स्वास्थ्य विभाग की भूमि पर इन दुकानों का निर्माण जारी रहा तो उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी। हाईकोर्ट ने दोनों विभागों के प्रमुख सचिवों को प्रपत्रों के आधार पर निर्णय लेने का आदेश दिया। इस मामले में शासन स्तर पर दोनों पक्ष की सुनवाई हुई। जांच के बाद दस्तावेजों में जमीन स्वास्थ्य विभाग की निकली। इसके बाद डीएम अखिलेश मिश्रा को इस मामले में निर्णय लेते हुए जिला पंचायत को नोटिस जारी कर दुकानों का ध्वस्तीरण कराने का निर्देश जारी कर दिया गया। शासन का आदेश मिलने के बाद डीएम ने इन दुकानों को सात दिन के भीतर तोड़ने का निर्देश सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी को दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने आदेश मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि डीएम कार्यालय से भी पत्रावली आ गई है। सात दिन के भीतर दुकानें ध्वस्त करा दी जाएंगी।
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जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा पाई-पाई का हिसाब
सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी ने बताया कि दुकानों को तोड़ने के साथ इन दुकानों के निर्माण पर खर्च की गई धनराशि का पाई-पाई का हिसाब जिला पंचायत को देना पड़ेगा। इस मामले में तत्कालीन अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए जाने की बात उन्होंने कही। दुकानों को तोड़ने के बाद मलबा भी तब तक नहीं उठने दिया जाएगा जब तक रिकवरी नहीं हो जाती।