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वनविभाग के साथ प्रशासन भी लापरवाह: हेमराज

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पीलीभीत। बाघ के हमले की बढ़ती घटनाओं के विरोध में पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम न उठाकर वनविभाग के साथ प्रशासन भी लापरवाह बना हुआ है।
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पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने बाघ के आतंक की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम की मांग करते हुए बृहस्पतिवार से नेहरू पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। दूसरे दिन भी राज्यमंत्री ने नेहरू पार्क पहुंचकर धरना दिया। उन्होंने कहा कि वनकटी के बाद बाघ अमरिया क्षेत्र में आतंक मचा रहा है लेकिन वनविभाग कार्रवाई के नाम पर केवल दिखावा कर रहा है। इसी वजह से बृहस्पतिवार को सुबह बाघ ने बेहरी निवासी कुंवरसेन को मारा डाला था लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी वनविभाग बाघ को पकड़ना तो दूर उसकी लोकेशन तक पता नहीं कर सका है। पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि बाघों की समस्या किसी एक धर्म, संप्रदाय, समाज, राजनैतिक दल अथवा गांव तहसील की नहीं है, पूरे जिले के लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने वनविभाग और प्रशासन से बाघ को पकड़ने के लिए ठोस रणनीति बनाने और खूनी हो चुके बाघ को जल्द पकड़ने की मांग की है। धरने को मरौरी ब्लाक के बीडीसी संगठन ने भी समर्थन दिया। धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री के साथ ब्लाक प्रमुख अरूण वर्मा, नरेंद्र मिश्रा कट्टर, हरीश वर्मा, हीरा सिंह, बिल्लू चौधरी, हरप्रसाद वर्मा, उवैस अली, दीनकिशोर, डम्मरलाल, रवि रस्तोगी, वीरपाल मौर्य, नंदराम वर्मा, सर्वेश गंगवार, मुन्ना लाल वर्मा, आदेश गंगवार, राजेश पटेल, अफरोज मलिक, विजय वर्मा, सुखविंदर सिंह सीटू, जगदीश वर्मा, बसंतलाल, कर्मवीर वर्मा, नेतराम वर्मा, मनीश साना सहित कई लोग थे।
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हड़ताल पर रहकर अधिवक्ताओं ने ज्ञापन दिया
पीलीभीत। जनपद में बाघ के हमलों की घटनाएं बढने के विरोध में मुख्यालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अदालती कामकाज ठप रहा। अधिवक्ताओं ने बाघ के हमलों से जनसामान्य को सुरक्षित करने के लिए एडीएम और वनविभाग के अधिकारियों को ज्ञापन दिया।
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