माता भगवती देवी गोशाला प्रसादपुर में हुए सामूहिक शादी समारोह में मंत्रो उच्चारण के बीच 49 जोड़े एक-दूजे के हुए। पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी, पूर्व विधायक गोपाल कृष्ण सक्सेना समेत कई लोगों ने समारोह स्थल पहुंच कर नव दंपतियों को आशीर्वाद दिया। गायत्री परिवार की ओर से बसंत पंचमी पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में गायत्री परिवार के लालता प्रसाद शास्त्री और उनकी टोली ने मंत्रोच्चारण के साथ संस्कार कराए। समारोह में 48 हवन कुंड बनाए गए थे। प्रत्येक हवन कुंड के एक जोड़े ने मंत्रोउच्चारण के साथ आहुतियां दी और अग्नि की परिक्रमा कर एक-दूजे का साथ देने का वचन लिया। संस्कार में वर वधू के सहयोग के लिए प्रत्येक यज्ञ कुंड के समीप गायत्री परिवार के उपाचार्य मौजूद रहे। समारोह में पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी, पूर्व विधायक गोपाल कृष्ण सक्सेना, अशोक खंडेलवाल, अशोक दीक्षित, मिथलेश दीक्षित, अनंतराम पालिया, विजयपाल विक्की, संदीप खंडेलवाल, मधुर होड़ा, सत्य प्रकाश शुक्ला, रामचंद्र, राजेश कुमार, हरद्वारी लाल, कढेर सिंह, बृजेंद्र आदि ने समारोह स्थल पहुंचकर जोड़ों को आर्शीवाद दिया। समारोह में बरातियों और घरातियो,ं के लिए भोज की भी व्यवस्था की गई थी। इसमें तमाम लोगों ने भोज किया। जोड़ों को पलंग, बिस्तर, कपड़े, घड़ी, डिनर सेट, बर्तन, मिठाई देकर विदाई दी गई।
समारोह में इनकी हुई शादी
कुंवरपुर के भगवान स्वरूप- परसादपुर की संगीता, संडई भैरो के सुनील कुमार- जमुनिया खासपुर की किरन देवी, शहपुरा के देवदत्त- बरखेड़ा की भाग्यवती, दियूरियाकलां के अमरनाथ- बीसलपुर की शीतल, शाहजहांपुर के कस्बा खुटार के अनुज कुमार- सिरसा की लक्ष्मी देवी, सुखदासपुर के पंकज पांडेय- सोंधा की तारावती, रूरिया के मुन्नालाल- मूसेपुर की प्रीती देवी, धर्मापुर के मदनलाल- बंगला की नीरज देवी, लुकटियाई के छोटेलाल- बंगला उर्फ मित्रसेनपुर की गीता देवी, धर्मापुर के बीरू- पैनिया रामकि शन की सुमन, नदहा के ईश्वर दयाल-मुडै़ला की गायत्री, मल्लपुर खजुरिया के रक्षपाल- सिरसा की विनिता, गोपालपुर के रामसेवक- सिरसा की गीता, पिपरिया संतोष के प्रेमराज- पिपरिया संजरपुर की नीलम, सोंधा गझाड़ा के प्रदीप- पिपरिया संजयपुर की किरन कुमारी, गोला के वनुवघेली के रामू- फत्तेपुर की रामा, हबीबगंज गौटिया के रवि- पकडिय़ा दियूरिया की देववती, लालपुर के नीलेश- पिपरिया भजा की माला, पिपरिया संतोष के पूरनलाल- खरूआ की देवकी देवी, भगवंतापुर के कृ ष्ण कुमार- कलीनगर की कामनी, चकपुर अजीतपुर के कृष्ण कुमार- मानपुर गुलडिय़ा बटौआ देवी, इटौरिया के सोनू- सुहास की सरोजनी, रंपुरिया के राजेंद्र- सिरसा की प्रीती, अमखेड़ा के जसवंत- मुडिय़ा छाबन की रूबी, पस्तोर कुंईया के विनोद कुमार- हाथी खाना की प्रियंका, सिकराहना के गोपाल- ताजपुर की चंद्रकली, जमुनिया खास के अजय कुमार- उगनपुर की पुष्पा, सैदपुर के सूरजपाल-सिरसा की मधुवती, ग्रांट नंबर दो के भूपराम- सराय सुंदरपुर की पूनम, बरखेड़ा के नीलू- मढ़ाखुर्द की ममता, सुलतानपुर के राजेश- खमरिया की ललिता, सिमरिया के संतोष- पटिहन की सबिता, नबीची की महेश- भितिहा सीता, रायपुर पटियाल के रतन कुमार- सुआबोझ की पुष्पलता, नदहा शिवनगर के गोपाल स्वरूप- नवदिया धनेष की चंद्रावती, नबाबगंज बरेली के संतोष- फरीपुर की ओमवती, गुलडिय़ा भूपसिंह के गौरव- पुन्नापुर जितौरिया की प्रिया देवी, नदहा शिवनगर के राममूर्ति- भगवंतापुर की प्रीती देवी, बंडा के इंद्रजीत- हमीरपुर की प्रीती, तिलहर के छोटेलाल- जलालाबाद की अनूपा देवी, मुरादपुर माती के हरिश्चंद्र- सुल्तानपुर की मोनी देवी, ककरौआ के रामआसरे- लाह की बर्षा, सुआबोझ के रंजीत कुमार- गोपालपुर की माया, करोड़ के अरविंद- बरखेड़ा की सबिता, खासपुर के करन- सिरसा की खुशबू, बरखेड़ा के कौशल- तिलहर की वैजयंती, बंडा के शिवशंकर- बरखेड़ा की नीलम, क रोड़ के दीनदयाल- गजरौला की रीना, जहानाबाद के कुंवरसेन- गुटइया की कुसुम एक दूजे के हुए।