11 पीबीटीपी 22
बागपत कांड के बाद पीलीभीत जेल में बढ़े सुरक्षा बंदोबस्त
क्रासर
बाहरी सुरक्षा को दोनों गेटों पर पर बनेंगे चेकिंग प्वाइंट, गश्त भी बढ़ाई
क्रासर....
मुन्ना बजरंगी ने 41 दिन गुजारे थे इस जेल में, माफिया की हत्या के बाद हाई अलर्ट जारी
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बागपत जेल के अंदर माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या करने की घटना के बाद जिला जेल में सुरक्षा बंदोबस्त और चाक चौबंद किए जा रहे हैं। अब बंदियों से लेकर मुलाकातियों पर पहले से भी अधिक पैनी निगाह रखी जाएगी। इसको लेकर रणनीति बनाकर कार्रवाई की शुरूआत कर दी गई है।
माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत की जेल में गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के बाद से प्रदेश की सभी जेलों में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है। इसको लेकर जिला जेल में भी सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर मंथन कर सख्ती शुरू कर दी गई है। 603 बंदियों की क्षमता वाली पीलीभीत जेल में 1055 बंदी/कैदी हैं। जेल ओवरलोड जरूर है, लेकिन जेल प्रशासन की मानें तो यहां पर कोई कुख्यात अपराधी वर्तमान में नहीं है। यहां प्रतिदिन मुलाकातियों की संख्या दो से ढाई सौ के बीच रहती है। बागपत में हुई घटना से सबक लेते हुए पहले से सख्त बंदोबस्त को और चाक चौबंद किया गया है। जेलर विनोद कुमार ने बताया कि वैसे तो जेल में किसी तरह की छूट पहले भी नहीं दी जा रही थी। अब इसको और सख्त कर दिया गया है। बंदियों की निगरानी, गश्त आदि को बढ़ाया गया है। मुलाकातियों व उनके द्वारा लाए गए सामान की मेटल डिटेक्टर से चेकिंग कराई जा रही है। दीवार के आसपास किसी तरह का वाहन आदि खड़ा नहीं होने दिया जाएगा। बाहर की सुरक्षा की बात करें तो पुलिस लाइंस और पोस्टमार्टम हाउस की तरफ दोनों ओर चेकिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। प्राइवेट वाहन को इस तरफ से इंट्री नहीं मिलेगी। रात को करीब आठ बजे जेल बंद होने के बाद इन रास्तों पर लगाए गए दरवाजे भी लॉक कर दिए जाएंगे। बाहरी तरफ पेट्रोलिंग के लिए भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि मुलाकातियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश समस्त जेल कर्मियों को दे दिए गए हैं।