अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज ने शहरवासियों को रूलाया
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आसफजान मोहल्ले में एक फेस की खराबी से परेशान रहे लोग
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विभागीय अधिकारियों ने कराया सुधार तो दूसरे दिन हुई सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। एक तरफ गर्मी के चलते मौसम की मार और दूसरी तरफ बेपटरी बिजली व्यवस्था से हर कोई बेहाल हो गया है। शासन स्तर से बिजली व्यवस्था के सुधार के लिए चाहे जितने दावे किए जाएं, लेकिन धरातल पर हालात में बदलाव नहीं हो सका है। बीते 48 घंटे में अघोषित कटौती और लो वोल्टेज की समस्या ने शहर वासियों को रुलाकर रख दिया है। विभागीय अधिकारी सुधार कार्य जारी होने का हवाला देते हुए महकमे की साख बचाने में जुटे हैं। नतीजतन पब्लिक बिजली के साथ-साथ पानी की किल्लत से जूझने को मजबूर है।
चुनाव का समय हो या फिर जनता के बीच अधिकारी-नेता का संवाद। बिजली हमेशा से प्राथमिकता में शामिल अहम मुद्दा रहा है। इसको बेहतर बनाने के लिए हर बार बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। इसको लेकर जल्द तस्वीर बदलने का भरोसा भी अधिकारी दिलाते रहते हैं लेकिन हकीकत पर गौर करें तो हालात दिनोंदिन बदतर होते जा रहे हैं। वैसे तो कई दिनों से बिजली की असमय कटौती लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई थी लेकिन दो दिन के भीतर हालात और बिगड़ गए हैं। बुधवार को दिन भर लो-वोल्टेज की समस्या रही। अधिकारी इसका समाधान कराने की बात कहते रहे और बृहस्पतिवार को बिजली व्यवस्था बदतर हो गई। दिन भर बिजली की आंख मिचौली जारी रही। इसके बाद बृहस्पतिवार रात को पहले एक घंटे की कटौती कहकर बिजली गुल कर दी गई। बाद में इसको दो घंटे के लिए बढ़ाकर साढ़े 12 बजे तक का कर दिया गया। इससे आसफजान, साहूकारा, काला मंदिर, नखासा, सुनगढ़ी, नई बस्ती, डोरीलाल, मोहतसिम खां, लाल रोड आदि कई इलाकों में बिजली गुल रही। खास बात रही कि इसके बाद जब बिजली आई तो भी बिजली आना न आना बराबर ही रहा। लो-वोल्टेज के चलते रात भर लोगों को परेशान होना पड़ा। मोहल्ला आसफजान में बिजली आने के बाद भी समस्या बनी रही। यहां पर एक फेस में कोई खराबी आ गई, जिससे बिजली आना सिर्फ नाममात्र ही रहा। दूसरे दिन सुधार होने पर शुक्रवार सुबह सप्लाई सुचारु कराई जा सकी। शहर के अधिकांश घरों में पानी की व्यवस्था के लिए बिजली की मोटर लगी हुई है। इसके चलते बिजली न आने पर लोगों के सामने पानी की किल्लत भी बनी रही।
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बिजली के आने जाने का कोई समय नहीं रह गया है। मनमाफिक तरीके के कटौती की जा रही है। पब्लिक के सामने आ रही दिक्कतों को कोई नहीं समझ रहा है। - मनोहर लाल, शिवनगर कॉलोनी
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दो दिन से बिजली के हालात बदतर हो चुके हैं। संपर्क करने पर कोई अधिकारी कर्मचारी सही जवाब नहीं देना चाहता। बिजली की बेपटरी व्यवस्था ने जीना मुश्किल कर दिया है। अधिकारियों को नागरिकों के सामने आ रही दिक्कतों पर गंभीर होना चाहिए।- संजय कुमार, नखासा
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बिजली व्यवस्था में सुधार सिर्फ कागजों पर सीमित है। उपभोक्ताओं की तरह अधिकारी भी गर्मी के मौसम में बिना बिजली रहकर देखें, तब उनको असली दिक्कत का अहसास होगा। बिजली के हालात बिगड़ने से घरेलू और व्यावसायिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। - हनी अरोरा, व्यापारी
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वर्जन
रुपपुर कमालु स्थित 132 केवीए से खराबी के चलते समस्या है। इससे टाउन वन, टाउन टू, टाउन थ्री और हास्पिटल फीडर की सप्लाई बाधित हुई थी। इसके सुधार के लिए अभी भी काम कराया जा रहा है। आसफजान मोहल्ले में एक फेस में खराबी के चलते बृहस्पतिवार रात भर दिक्कत रही थी, जिसको सुधार कराकर सुचारू कर दिया गया है। बिजली व्यवस्था केे बेहतर बनाने के लिए कार्रवाई जारी है।- रनवीर सिंह, एसडीओ टाउन