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अतिथियों के सामने भिड़े बीएसए-शिक्षक नेता

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teachers fight - फोटो : amar ujala
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डीएम के जाते ही मंच पर हंगामा, धक्का-मुक्की
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तवज्जो न देने का आरोपडी, आईओएस की मध्यस्थता के बाद शांत हुआ मामला

पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग की शुरू हुई बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में शिक्षक नेताओं ने तवज्जो न मिलने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा और बीएसए से भिड़ गए। अभद्र भाषा के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। डीआईओएस की मध्यस्थता के बाद मामला शांत हुआ। हंगामे के चलते दूर दराज क्षेत्रों से आए बच्चों को करीब एक घंटे तक प्रतियोगिता शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। मामला पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
गांधी स्टेडियम में बुधवार को जनपदीय शैक्षिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ डीएम शीतल वर्मा ने किया। डीएम को इस आयोजन में शामिल होने के बाद उन्हें लखनऊ के लिए रवाना होना था इसलिए समारोह में स्वागत आदि को संक्षेप में निपटाने का प्रयास किया गया। इसके बाद डीएम चली गईं। डीएम के रवाना होते ही स्टेज पर हंगामा शुरू हो गया। प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षक नेताओं ने स्वागत में तवज्जो न मिलने की बात को कहते हुए स्टेज पर पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। शिक्षक नेताओं का कहना था कि बेसिक शिक्षा विभाग के क्रीड़ा समारोह में परंपरा के अनुसार शिक्षक नेताओं व पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि समेत अन्य मंचासीन लोगों को स्वागत कराया जाता है, लेकिन इस बार उन्हें जानबूझकर नजरंदाज किया गया। वहीं प्रकाशित की गई स्मारिका में भी सहयोग करने वाले समाजसेवियों के नाम भी अंकित नहीं किए गए। यह उन सभी का असम्मान है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। मंचासीन अतिथियों के सामने ही शिक्षक नेता बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति से भिड़ गए। बीएसए ने अपना पक्ष रखने का प्रयास किया, लेकिन अनसुना कर दिया गया। बातचीत के दौरान ही अभद्र भाषा के साथ धक्का-मुक्की भी शुरू हो गई। हंगामा होता देख मैदान में मौजूद शिक्षक भी स्टेज के आसपास जमा हो गए। प्रतियोगिताएं रोक दी गईं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर काफी देर तक चलता रहा। इस बीच डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा ने मध्यस्थता करते हुए शिक्षक नेताओं से वार्ता की। शिक्षक नेताओं को समझाते हुए मामले को बाद में वार्ता से निपटाने की बात कही। उन्होंने समारोह की गरिमा को ठेस न पहुंचे, शिक्षक नेताओं से कार्यक्रम में सहयोग करने की बात कही। तब कहीं जाकर मामला शांत हो सका।
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एक घंटे तक इंतजार करते रहे प्रतिभागी बच्चे
शिक्षक नेताओं व बीएसए के बीच हुए विवाद का खामियाजा जिले भर से दूर दराज क्षेत्रों से आए बच्चों को भुगतना पड़ा। हंगामा होता देख प्रतियोगिताएं करा रहे खेल शिक्षक भी स्टेज के समीप जा पहुंचे। इसके चलते प्रतियोगिताएं रुक गईं। स्टेडियम में मौजूद कुछ शिक्षक इससे खफा दिखे। उनका कहना था कि इस तरह शिक्षकों का खुले आम हंगामा करना शिक्षक मर्यादा का उल्लंघन है। इससे पूरे शिक्षक जगत की छवि खराब हो रही है। करीब एक घंटे बाद मामला शांत होने पर प्रतियोगिताएं शुरू हो सकी।

शिक्षक नेताओं का किया गया अपमान
बेसिक शिक्षा विभाग में क्रीड़ा प्रतियोगिता के दौरान परंपरा के मुताबिक शिक्षक संघ के नेताओं द्वारा मंचासीन अतिथियों का स्वागत कराया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया। यह शिक्षक नेताओं का अपमान है। इसी को लेकर मामूली कहासुनी हो गई। वार्ता के बाद मामला शांत हो गया है। प्रतियोगिताएं अच्छी तरह से संपन्न हो, शिक्षक नेताओं से सहयोग करने को कहा गया है।
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उमेश गंगवार, जिला मंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ

शिक्षक नेताओं के आरोप निराधार
समारोह को नियमानुसार ही कराया जा रहा है। चूंकि जिलाधिकारी को जल्द जाना था, इसीलिए स्वागत कार्यक्रम को संक्षिप्त किया गया था। स्मारिका में प्रकाशित स्वागत समिति में शिक्षक नेताओं के नाम भी अंकित है। शिक्षक नेता बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। प्रतियोगिताएं सभी के सहयोग से कराई जा रही हैं। आरोप निराधार है।
डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
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