नवंबर आखिर तक पहुंच जाएंगे 31 जवान
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व की स्थापना के साढ़े तीन साल बाद टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। इस माह के अंत तक 31 जवान पीलीभीत टाइगर रिजर्व को उपलब्ध कराए जाएंगे। इनके रहने के लिए रेंजों में आवासों की व्यवस्था कराई गई है।
टाइगर रिजर्व की स्थापना के बाद से ही टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स तैनाती की जरूरत महसूस की जा रही थी, लेकिन साढ़े तीन साल होने के बाद भी वन विभाग का टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स उपलब्ध नहीं हो सकी। इससे बाघों के हमले अथवा उनके जंगल से बाहर आने पर वन विभाग को पुलिस से मदद लेनी पड़ती थी। चूंकि दोनों विभागों के कार्य अलग-अलग हैं इसलिए समन्वय की कमी के चलते दिक्कत आती थी। पीलीभीत के साथ ही दुधवा नेशनल पार्क को भी अब तक टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स नहीं मिली थी। तीन माह पूर्व 16 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद भ्रमण के समय इस मुद्दे को रखा गया था, जिसपर उन्होंने प्रस्ताव मांगा था। उधर, शासन में दुधवा नेशनल पार्क से पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव पर कार्रवाई शुरू करते हुए शासन ने पीएसी के 94 जवानों को चयनित कर टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स में तैनात कर प्रशिक्षण प्रारंभ करा दिया। अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व की डिमांड पहुंचने पर दुधवा के लिए तैनात किए जा रहे 94 जवानों में से एक तिहाई अर्थात 31 जवान जिले को उपलब्ध कराया जा रहा है। 27 नवंबर को यह जवान दुधवा नेशनल पार्क में अपनी आमद कराएंगे। इसके बाद 28 या 29 नवंबर को 31 जवान पीलीभीत पहुंचेंगे।
पांच-पांच जवानों की बनेगी छह टीमें
टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के लिए मिल रहे 31 जवानों की छह टीमें बनाई जाएगी। इसमें छह जवानों को जिला मुख्यालय पर रखा जाएगा जबकि बाकी को पांच-पांच के ग्रुप में माला रेंज के गढ़ा, हरीपुर, बराही, मुस्तफाबाद और महोफ रेंज में तैनात किया जाएगा। इसके लिए चिह्नित स्थानों पर आवासों की व्यवस्थाएं कराई गई हैं।
टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के लिए दुधवा को 94 जवान मिल रहे हैं, जिसमें से 31 पीलीभीत को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जल्द ही जिले में टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स सक्रिय हो जाएगी।
विनोद कृष्ण सिंह, वन संरक्षक