पीलीभीत। फसल ऋण मोचन योजना के लिए खाता फीडिंग एवं भूलेख मैपिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है लेकिन किसानों ने अपने बैंक खातों का आधार लिंक नहीं कराया है। आधार लिंक न कराने वाले किसानों को ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके लिए डीएम ने दो दिन में आधार लिंक कराने के अपील किसानों से की है।
प्रदेश सरकार ने किसानों का ऋण माफ करने के लिए फसल ऋण मोचन योजना शुरू की है। इसके तहत जिले के लगभग 91 हजार लघु एवं सीमांत किसानों को इसका लाभ मिलना है। योजना के तहत बैंकों के माध्यम से किसानों का खाता एनआईसी की साइट पर फीड किया जाना है। शासन ने इस कार्य के लिए 22 जुलाई तक का समय दिया था लेकिन देररात तक चले काम के बाद भी डाटा फीडिंग अभी पूरी नहीं हुई है। सुबह डीएम शीतल वर्मा ने एनआईसी पहुंचकर डाटा फीडिंग की समीक्षा की। जिसमें सुबह 8.30 तक 71 हजार से अधिक डाटा फीडिग हो चुकी थी। कुछ बैंकों की गति धीमी होने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द फीडिंग कराने के निर्देश दिए। शाम तक डाटा फीडिंग कार्य पूरा होने की उम्मीद है। वहीं समीक्षा के दौरान सबसे अहम समस्या किसानों का खाता आधार से लिंक न होने की सामने आई। जिले में लाभ पाने वालों की सूची में शामिल 91 हजार किसानों में से मात्र 30 हजार ने ही अपने बैंक खाते को आधार से लिंक कराया है। अभी लगभग 61 हजार किसानों को अपना खाता आधार लिंक कराना है। इसके लिए डीएम ने दो दिन का समय दिया है।
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प्रथम चरण में ही सभी किसानों को ऋण मोचन योजना से लाभांवित कराने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन आधार कार्ड लिंक न होने से दिक्कत आ सकती है। जिन किसानों का आधार लिंक नहीं होगा उन्हें ऋण मोचन योजना का लाभ नही मिल सकेगा।
- ब्रजकिशोर, एडीएम