पीलीभीत। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) के लागू होने के पांच साल बाद भी जिले की सड़कों पर 3800 से अधिक वाहन बिना एचएसआरपी के दौड़ रहे हैं। कुछ वाहन कंडम, टूटी नंबर प्लेट तो कुछ पदनाम जोड़कर धड़ल्ले से चल रहे हैं। इनमें बाइक, कार और अन्य वाहन शामिल हैं। कई विभागों के अफसरों की गाड़ियां भी बिना एचएसआरपी के दौड़ रही हैं। हालांकि विभाग प्रतिमाह करीब 20 वाहनों का चालान करने का दावा भी कर रहा है।
नकली नंबर प्लेट पर रोक, वाहनों का विवरण अपडेट करने और वाहनों की सुरक्षा के उद्देश्य से वर्ष 2019 में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का नियम लागू किया गया था। शुरुआत में वाहनों के नंबर में सीरीज के अनुसार प्लेट बदलने का काम किया गया। इसमें 0 से नौ अंक तक को लिया गया। हर सीरीज के लिए एक समय तय किया गया था। दो से तीन वर्षाें में इसे पूरा किया जाना था। इस अवधि के बाद नए वाहनों पर साथ में ही एचएसआरपी लगने लगी।
अनदेखी पर चालान का प्रावधान
एचएसआरपी की अनदेखी पर पांच और 10 हजार रुपये के चालान का प्रावधान है। पहली बार में पांच हजार रुपये का चालान कटता है। दूसरी बार में अनदेखी पर यह धनराशि 10 हजार रुपये हो जाती है।
जिले में 1.95 लाख वाहन, चार फीसद पर एचएसआरपी नहीं
जिले में कुल एक लाख 95 हजार वाहन पंजीकृत हैं। विभागीय आंकड़ोंं के मुताबिक, करीब एक लाख 91 हजार 299 वाहनों पर एचएसआरपी लग चुकी है। करीब 3800 वाहन अभी बिना एचएसआरपी के संचालित किए जा रहे हैं। यह आंकड़ा कुल वाहनों का करीब चार फीसद है। इनमें अफसरों के वाहनों भी शामिल है। संवाद
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उद्योग विभाग के डिप्टी कमिश्नर के वाहन पर भी पुरानी प्लेट
जिले में उद्योग विभाग के डिप्टी कमिश्नर का वाहन भी काफी पुराना हो चुका है। इनके वाहन पर पदनाम व उत्तर प्रदेश सरकार का तो जिक्र है, लेकिन प्लेट को अब-तक नहीं बदला गया है।
सीवीओ के वाहन पर पुरानी नंबर प्लेट
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के वाहन पर एचएसआरपी की जगह पुरानी नंबर प्लेट नजर आई। वाहन में हूटर सहित अन्य इंतजाम बेहतर दिखे। वाहन पर लगी पुरानी नंबर प्लेट दोनों किनारों से टूट भी चुकी है। इसके बाद भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को नहीं लगवाया गया।
टूटी और पुरानी नंबर प्लेट पर लिखा पुलिस
सोमवार दोपहर कलक्ट्रेट में खड़ी एक बाइक पर पुरानी नंबर प्लेट लगी थी। इस पर पुलिस भी लिखा था। थोड़ी दूर पर खड़ी एक अन्य बाइक पर लगी पुरानी नंबर प्लेट कई जगह से टूटी थी। आधे नंबर भी नहीं दिख रहे थे। परिसर में ही खड़ी एक कार पर लगी पुरानी नंबर प्लेट पर हिंदी में नंबर लिखे गए थे।
एचएसआरपी न होने पर नहीं मिलेगा प्रदूषण प्रमाण पत्र
सड़क पर संचालित सभी वाहनों पर एचएसआरपी लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। इसके बाद भी लोग लापरवाही कर रहे हैं। अब शासन की ओर से आदेश जारी किया गया। इसमें कहा गया कि बिना एचएसआरपी वाहन संचालकों को प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा।
इस तरह लगवाएं एचएसआरपी
- एचएसआरपी के लिए विभागीय पोर्टल पर जाकर आवेदन करें।
- वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर आदि की जानकारी साझा करनी होगी।
- आवश्यक शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर रसीद डाउनलोड कर लें।
- पोर्टल पर दी जाने वाली तिथि पर डीलर के पास पहुंचकर नंबर प्लेट लगवाएं।
फैक्ट फाइल
जिले में कुल वाहनों की संख्या 1,95,029
भारी वाहनों की संख्या 882
हल्के वाहनों की संख्या 2647
कारों की संख्या 15,118
बाइकों की संख्या 1,76,382
वाहनों में लगी एचएसआरपी प्लेट 1,91,229
इतने वाहनों में नहीं लग सकी प्लेट 3800
सभी वाहनों पर एचएसआरपी लगवाने के निर्देश
एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में संचालित सभी वाहनों पर एचएसआरपी लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी कुछ वाहन स्वामियों ने एचएसआरपी नहीं लगवाई है। इन पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की जा रही है। प्रतिमाह चालान किए जाते हैं। अभियान चलाकर एचएसआरपी लगवाई जाएगी।
कचहरी परिसर में खड़ी कार पर लगी पुरानी नंबर प्लेट पर लिखे हिंदी में अंक संवाद
कचहरी परिसर में खड़ी कार पर लगी पुरानी नंबर प्लेट पर लिखे हिंदी में अंक संवाद
कचहरी परिसर में खड़ी कार पर लगी पुरानी नंबर प्लेट पर लिखे हिंदी में अंक संवाद