स्वास्थ्य विभाग की आरे से जिले में चार नवंबर से शुरू होने वाले मिशन इंद्रधनुष फेज टू में इस बार सात के स्थान पर आठ जानलेवा बीमारियों से बचाव को टीकाकरण किया जाएगा। अभियान के तहत 37380 बच्चों और गर्भवर्ती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी सिंह ने मंगलवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर अप्रैल माह से मिशन इंद्रधनुष की शुरूआत की गई थी। इसके फर्स्ट फेज में हुए चार चरणों में 17626 गर्भवती महिलाओं और शून्य से दो वर्ष तक के 10274 बच्चों का पूर्ण प्रतिरक्षण व 8986 बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण किया गया था।
अब शासन द्वारा मिशन इंद्रधनुष फेज टू शुरू किया जा रहा है। फेज टू का अभियान नवंबर से फरवरी तक चार चरणों में चलाया जाएगा। जिले में पहला चरण चार नवंबर से दस नवंबर तक चलाया जाएगा। जिसमें करीब 1300 चिंहित स्थलों पर टीकाकरण सत्र लगाए जाएंगे। इसमें शून्य से दो वर्ष तक के 27850 बच्चे व 9530 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण की जिम्मेदारी 202 एएनएम को सौंपी गई है। टीकाकरण के लिए बुलाने का कार्य आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं द्वारा किया जाएगा। फेज टू में इस बार जेई (जैपनीज इंसेफ्लाइटिस) से बचाव को टीकारण किया जाएगा। सीएमओ ने जनप्रतिनिधियों ने टीकाकरण कार्य में सहयोग करने की अपील की। प्रेस कांफ्रेंस में एसीएमओ डॉ. अजय कुमार वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी, डा. हर्षा आदि मौजूद रहे।