पीलीभीत। चुनाव के रोचक किस्सों में पीलीभीत सीट का छठा लोकसभा चुनाव भी शामिल है। वर्ष 1977 में जिले के छठे सांसद बने भारतीय लोकदल के मोहम्मद शमसुल हसन खां ने रिकॉर्ड एक लाख 72 हजार 676 मतों से जीत हासिल की। पीलीभीत सीट पर यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी।
पूरनपुर क्षेत्र के शेरपुर कला से ताल्लुक रखने वाले मोहम्मद शमशुल हसन खां ने चौथे लोकसभा चुनाव से पीलीभीत सीट की दावेदारी की। चौथे और पांचवें चुनाव में दूसरे नंबर पर रहने वाले मोहम्मद शमशुल हसन खां ने रिकॉर्ड बना दिया। इतने मत हासिल किए कि उनकी जीत के चर्चे आज तक होते हैं।
निर्वाचन आयोग की साइट के अनुसार- छठी लोकसभा 1977 में कुल मतदाताओं की संख्या 5.93 लाख से अधिक थी। तीन लाख 42 हजार 429 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शमशुल हसन खां को दो लाख 38 हजार 691 मत मिले। उन्होंने मोहन स्वरूप को 1.72 लाख से अधिक मतों से हराया। हार-जीत का अंतर 51.60 प्रतिशत रहा, जबकि इस चुनाव में 57.69 प्रतिशत मतदान हुआ था। कुल मतदान में आधे से अधिक मत शमशुल हसन खां को मिले। संवाद
महिला उम्मीदवार का नामांकन और फिर नाम वापसी
निर्वाचन आयोग की साइट से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1977 के लोकसभा चुनाव में पीलीभीत सीट से 14 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था। इनमें एक महिला उम्मीदवार भी थी। नाम वापसी वाले छह उम्मीदवारों में भी महिला उम्मीदवार का पर्चा था। इस चुनाव में 7754 मत निरस्त हुए थे।