शरद कालीन गन्ना बुवाई में किसान को दोहरा लाभ
-जिला गन्ना अधिकारी ने ट्रेंच विधि से बुवाई का किया शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र ने नव दुर्गा के पहले दिन क्षेत्र के गांव दुधियाखुर्द में ट्रेंच विधि से शरद कालीन गन्ना की बुवाई का शुभारंभ कराया। इस दौरान हुई किसान गोष्ठी में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गन्ना की 0238 प्रजाति में रेड रॉट के लक्षण मिले हैं। किसान एक ही प्रजाति पर निर्भरता न रखे।
अगेती और मध्य देर से पकने वाली प्रजातियों की भी बुवाई कर जातीय संतुलन बनाए रखे। उन्होंने कहा कि कीटों का नियंत्रण तो संभव है, लेकिन रोगों के नियंत्रण की कोई प्रभावशाली विधि उपलब्ध नहीं है। बीज जनित रोगों से बचाव के लिए गन्ने के दो से तीन आंख के टुकड़ों को 0.1 प्रतिशत कार्वेंडाजिन के घोल में डालकर दस से पंद्रह मिनट तक शोधन करना आवश्यक है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुनील कुमार शुक्ला ने कहा कि गन्ना बीज बोए न कि गन्ना। रोग और कीट मुक्त खेत से बीज का चुनाव करे। शरद कालीन गन्ना के साथ दलहन, तिलहन, आलू और मटर आदि की सह फसल लेकर किसान दोहरा लाभ कमा सकते है। गन्ना पर्यवेक्षक जेपी सिंह और कई किसान थे।